स्वतंत्रता सेनानी 'देशबंधु' चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्रियों समेत भाजपा नेताओं ने दी श्रद्धांजलि


नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। भारत के महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रख्यात वकील, समाज सुधारक और राष्ट्रवादी नेता ‘देशबंधु’ चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा नेताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की।

केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर लिखा, “मां भारती के सच्चे सेवक, महान स्वतंत्रता सेनानी, ‘देशबंधु’ चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। आपके प्रखर और ओजस्वी विचार सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा व समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, “मां भारती के सच्चे सेवक, महान स्वतंत्रता सेनानी देशबंधु चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन करता हूं। आपके प्रखर और ओजस्वी विचार सदैव देश की भावी पीढ़ियों को राष्ट्र की सेवा व समाज के उत्थान के लिए प्रेरित करते रहेंगे।”

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘एक्स’ पर लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी एवं ‘देशबंधु’ के नाम से सुप्रसिद्ध चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। उन्होंने अपना जीवन देश की आजादी और गरीबों के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया। राष्ट्र निर्माण के लिए उनका त्याग और स्वराज को लेकर विचार सदैव अनुकरणीय रहेंगे।”

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी श्रद्धेय ‘देशबंधु’ चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि। देश की आजादी के लिए उनका तप, त्याग और समर्पण सदैव भावी पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने ‘एक्स’ पर लिखा, “राष्ट्रचेतना के अग्रदूत, स्वराज पार्टी के संस्थापक एवं स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ ‘देशबंधु’ चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि।”

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “राष्ट्रचेतना के अग्रदूत, स्वराज पार्टी के संस्थापक एवं स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख स्तंभ ‘देशबंधु’ चितरंजन दास की पुण्यतिथि पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि! उन्होंने अपने व्यक्तित्व, विचार और त्याग से राष्ट्रीय जागरण की उस अलख को प्रज्ज्वलित किया, जिसने स्वतंत्रता आंदोलन को नई शक्ति प्रदान की। देश के प्रति उनकी निष्ठा सदैव स्मरणीय रहेगी।”

उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि चितरंजन दास, ‘देशबंधु’ का जन्म 5 नवंबर, 1870 को कोलकाता में हुआ था और मृत्यु 16 जून, 1925 को हुई थी। चितरंजन दास महान स्वतंत्रता सेनानी थे, जिनका जीवन ‘भारतीय स्‍वतंत्रता आंदोलन’ में युगांतकारी था। चितरंजन दास को प्‍यार से ‘देशबंधु’ (देश के मित्र) कहा जाता था। ये महान राष्ट्रवादी तथा प्रसिद्ध विधि-शास्त्री थे। चितरंजन दास ‘अलीपुर षड्यंत्र काण्ड’ (1908) में अरविन्द घोष के बचाव के लिए बचाव पक्ष के वकील थे। ‘असहयोग आंदोलन’ के अवसर पर इन्होंने अपनी वकालत छोड़ दी थी। 1921 में वह अहमदाबाद में हुए कांग्रेस के अधिवेशन के अध्यक्ष थे। ये ‘स्वराज्य पार्टी’ के संस्थापक थे। इन्होंने 1923 में लाहौर तथा 1924 में अहमदाबाद में ‘अखिल भारतीय ट्रेड यूनियन कांग्रेस’ की अध्यक्षता भी की थी।

–आईएएनएस

ओपी/डीकेपी


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