लखनऊ : मानसून सत्र की अवधि को लेकर सपा के आरोपों पर भाजपा का पलटवार, 'सरकार का विकास पर फोकस'

लखनऊ, 3 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर राज्य सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक ओर समाजवादी पार्टी (सपा) ने सरकार पर जनता के मुद्दों से बचने के लिए सत्र की अवधि कम रखने का आरोप लगाया है, वहीं योगी सरकार के मंत्रियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सरकार प्रदेश के विकास और जनहित के एजेंडे के साथ सदन में जाएगी।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री नरेंद्र कश्यप ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि मानसून सत्र प्रदेश के विकास और प्रगति के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। सरकार ने कई विकास परियोजनाओं को गति देने का निर्णय लिया है और इसके लिए अनुपूरक बजट लाकर आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए जाएंगे।
विपक्ष की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए नरेंद्र कश्यप ने कहा कि समाजवादी पार्टी अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में विफल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल जातिवाद, धर्म और सरकार के हर फैसले का विरोध करने की राजनीति कर रहा है। स्वस्थ लोकतंत्र में विपक्ष को रचनात्मक सुझाव देने चाहिए, लेकिन सपा केवल विरोध के लिए विरोध कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का रवैया बेहद गलत है। प्रदेश की जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी को सत्ता सौंपेगी।
समाजवादी पार्टी द्वारा मानसून सत्र की अवधि कम रखने के आरोपों पर मंत्री ने कहा कि सपा को पहले अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। तुलनात्मक अध्ययन करने पर स्पष्ट हो जाएगा कि भाजपा सरकार के दौरान सदन पहले की तुलना में अधिक दिनों तक चला है। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी के विधायक अक्सर सदन की कार्यवाही को बाधित करने का प्रयास करते हैं और जाति तथा धर्म के मुद्दों को उठाकर विकास से जुड़े विषयों से ध्यान भटकाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सदन का पूरा उपयोग प्रदेश के हित में कानून बनाने और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए करेगी।
नरेंद्र कश्यप ने संसद और विधानमंडलों में विपक्ष के व्यवहार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकसभा, राज्यसभा, विधानसभा और विधान परिषद, सभी जगह विपक्ष हंगामा करता है। विपक्ष ने लोकतांत्रिक चर्चा के बजाय व्यवधान पैदा करने की परंपरा शुरू कर दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश और प्रदेश के हित में नए कानून और विकास योजनाएं लाने का प्रयास करते हैं, लेकिन विपक्ष सदन की कार्यवाही बाधित कर इन प्रयासों में रुकावट डालने की कोशिश करता है।
पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव पर हुए हमले के सवाल पर नरेंद्र कश्यप ने कहा कि संसद देश के महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा का पवित्र मंच है। वहां संत का वेश धारण कर प्रदर्शन करना और भगवान राम की फोटो किसी के चरणों में ले जाना संत समाज और सनातन परंपरा का अपमान है। ऐसे कृत्यों पर सनातनी समाज अपनी प्रतिक्रिया अवश्य देगा।
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष के पास जनता से जुड़े मुद्दे नहीं बचे हैं, इसलिए वह लगातार राम मंदिर और धार्मिक विषयों पर राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अतीत में रामभक्तों पर लाठियां चलवाईं और भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाए, वही आज सनातन संस्कृति की बात कर रहे हैं।
–आईएएनएस
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