बिहार: भरत तिवारी मामले में धमकी के आरोप निराधार, भोजपुर पुलिस ने किया खंडन


आरा, 27 जून (आईएएनएस)। बिहार के भोजपुर में कथित पुलिस मुठभेड़ में भरत तिवारी की मौत को लेकर आरोप -प्रत्यारोप जारी है। इस बीच, भोजपुर पुलिस ने भरत तिवारी मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) पर मृतक के भाई चंदन तिवारी को डराने-धमकाने के लगाए गए आरोपों को पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन बताया है।

पुलिस ने सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों पर प्रसारित खबरों का खंडन करते हुए कहा कि मामले को लेकर भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।

शनिवार को जारी आधिकारिक बयान में भोजपुर पुलिस ने कहा कि पुलिस अधीक्षक मृतक भरत तिवारी के परिजनों से केवल संवेदना व्यक्त करने और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उनका पक्ष जानने के उद्देश्य से उनके आवास पर गए थे। पुलिस का उद्देश्य पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाना था।

बयान के मुताबिक, मुलाकात के दौरान शाहपुर थाना की पुलिस टीम के साथ एक महिला सिपाही भी मौके पर मौजूद थी। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान मृतक के परिजनों ने स्वयं पुलिस अधीक्षक को भीड़ से कुछ दूरी पर अलग होकर बात करने का संकेत दिया था। इसके बाद मात्र तीन-चार कदम की दूरी पर उनसे बातचीत की गई। इस दौरान परिजनों ने अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने का अनुरोध किया।

भोजपुर पुलिस ने स्पष्ट किया कि एकांत में बातचीत के दौरान किसी भी प्रकार की धमकी देने, दबाव बनाने या डराने-धमकाने का आरोप पूरी तरह असत्य है।

पुलिस का कहना है कि इस तरह के आरोपों का कोई तथ्यात्मक आधार नहीं है। बयान में यह भी कहा गया कि ऐसा प्रतीत होता है कि चंदन तिवारी द्वारा दिया गया बयान किसी बाहरी तत्व के बहकावे में आकर सामने आया है।

पुलिस ने कहा कि भोजपुर पुलिस मृतक भरत तिवारी के परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़ी है और मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं विधिसम्मत जांच के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि जिम्मेदार अधिकारियों की छवि धूमिल करने वाली अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न दें तथा केवल आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें।

गौरतलब है कि इससे पहले मृतक भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने आरोप लगाया था कि एसपी ने उन्हें अलग ले जाकर डराया धमकाया, जिसकी कई मीडिया ने खबरें प्रसारित की थी।

–आईएएनएस

एमएनपी/एएसएच


Show More
Back to top button