असम व्यावसायिक स्तर पर 'माचा चाय' का उत्पादन करने वाला पहला राज्य बना: सरमा


गुवाहाटी, 3 जुलाई (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि राज्य भारत में व्यावसायिक रूप से ‘माचा चाय’ का उत्पादन करने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होंने कहा कि यह असम के विश्व प्रसिद्ध चाय उद्योग के विविधीकरण का एक महत्वपूर्ण संकेत है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने कहा कि तिनसुकिया जिले के छोटा टिंगराई चाय बागान में माचा चाय का पहला व्यावसायिक उत्पादन शुरू हो गया है।

मुख्यमंत्री सरमा ने आगे कहा कि आपकी पसंदीदा माचा चाय अब असम में बनेगी। हमारी गौरवशाली चाय विरासत को आगे बढ़ाते हुए असम तिनसुकिया के छोटा टिंगराई चाय बागान में व्यावसायिक रूप से माचा चाय का उत्पादन करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया है।

उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर लोकप्रिय इस पेय में विविधता लाने से नए बाजार के अवसर खुलेंगे और मूल्यवर्धन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे असम के चाय उद्योग को मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री के अनुसार, असम में उत्पादित माचा चाय की पहली खेप गुवाहाटी चाय नीलामी केंद्र में 3,000 रुपए में बिकी, जो इस प्रीमियम उत्पाद के लिए बाजार में उत्साहजनक स्वीकृति का संकेत है।

मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह उपलब्धि भारत-जापान के एक दशक लंबे सहयोग का परिणाम है, जिसका उद्देश्य तकनीकी विशेषज्ञता, विशेष मशीनरी और ज्ञान साझाकरण के माध्यम से असम के चाय क्षेत्र में नवाचार लाना है।

उन्होंने कहा कि व्यावसायिक माचा उत्पादन से राज्य के चाय उद्योग को पारंपरिक काली चाय से आगे बढ़कर विविधता लाने में मदद मिलेगी, साथ ही प्रीमियम हरी चाय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक मांग को भी पूरा किया जा सकेगा।

देश का सबसे बड़ा चाय उत्पादक राज्य असम, नवाचार और आधुनिक प्रसंस्करण तकनीकों को अपनाकर अपने उत्पाद पोर्टफोलियो का विस्तार करने और चाय निर्यात का मूल्य बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माचा चाय का सफल व्यावसायिक उत्पादन राज्य की चाय उद्योग को आधुनिक बनाने और साथ ही अपनी समृद्ध विरासत को संरक्षित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

विशेष रूप से उगाई गई हरी चाय की पत्तियों से बना बारीक पिसा हुआ पाउडर, माचा, पेय पदार्थों, मिठाइयों और स्वास्थ्यवर्धक खाद्य उत्पादों में इसके उपयोग के कारण हाल के वर्षों में वैश्विक स्तर पर तेजी से लोकप्रिय हुआ है।

इस विकास से असम के चाय उत्पादकों और संसाधकों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है, जिससे वे प्रीमियम घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी पैठ बना सकेंगे।

–आईएएनएस

एमएस/


Show More
Back to top button