अयोध्या में ‘चढ़ावा चोरी’ के बीच सामने आई ईमानदारी की मिसाल, 20 लाख की हीरे जड़ित चेन लौटाई

अयोध्या, 9 अगस्त (आईएएनएस)। अयोध्या के मंदिरों में चढ़ावे की रकम और सामान की कथित चोरी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर से एक सुखद और भरोसा बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के एक सेवादार ने सड़क पर पड़ी करीब 20 लाख रुपए कीमत की हीरे जड़ित सोने की चेन उसके वास्तविक मालिक तक पहुंचाकर ईमानदारी की मिसाल पेश की है।
चेन मिलने के बाद महिला श्रद्धालु ने इसे महज जेवर नहीं, बल्कि अपने दिवंगत पति की निशानी बताया, जिससे इसका भावनात्मक महत्व इसकी कीमत से कहीं अधिक हो गया। जानकारी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में सेवादार के रूप में सेवा देने वाले ध्रुवेश मिश्रा को बीते दिवस अमावा मंदिर के समीप हनुमानगढ़ी की ओर जाने वाले मार्ग पर एक हीरे जड़ित सोने की चेन पड़ी मिली। चेन की कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है।
चेन मिलने के बाद ध्रुवेश मिश्रा ने उसे अपने पास रखने के बजाय उसके वास्तविक मालिक की तलाश शुरू की। वह पीएफसी कार्यालय पहुंचे और वहां से सार्वजनिक उद्घोषणा कराई गई, ताकि जिस श्रद्धालु की चेन गिरी है, वह उसे प्राप्त कर सके। उद्घोषणा के बाद मुजफ्फरनगर निवासी महिला श्रद्धालु निर्मला देवी पत्नी मोहन कुमार सामने आईं।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में आवश्यक पूछताछ और संतुष्टि के बाद चेन उन्हें सौंप दी गई। चेन वापस मिलने पर निर्मला देवी ने बताया कि यह चेन उनके लिए बेहद भावनात्मक महत्व रखती है। उनके दिवंगत पति ने इसे उन्हें निशानी के तौर पर दिया था। इसलिए चेन की कीमत भले ही करीब 20 लाख रुपए हो, लेकिन उनके लिए इसका महत्व इससे कहीं अधिक है। अयोध्या में मंदिरों में चढ़ावे से जुड़े विवाद और चोरी के आरोपों के बीच ध्रुवेश मिश्रा की यह पहल धार्मिक नगरी की एक अलग तस्वीर पेश करती है।
बता दें कि हाल के दिनों में अयोध्या में मंदिरों के चढ़ावे और दान में आने वाली रकम को लेकर विवाद सामने आए हैं। श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की गिनती और उसके प्रबंधन को लेकर भी समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। इसी तरह राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई है।
हालांकि, इन विवादों के बीच करीब 20 लाख रुपए की चेन मिलने के बाद उसे पूरी ईमानदारी से उसके मालिक तक पहुंचाने की यह घटना अयोध्या की धार्मिक और सामाजिक छवि के लिए सुखद संदेश लेकर आई है।
–आईएएनएस
विकेटी/डीकेपी