मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी पर घमासान: भाजपा ने साधा निशाना, सपा ने किया किनारा


नई दिल्ली, 7 अगस्त (आईएएनएस)। कांवड़ यात्रा और कांवड़ियों को लेकर मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी पर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेताओं ने उनके बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे सनातन आस्था का अपमान बताया, जबकि समाजवादी पार्टी ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए सभी धर्मों के सम्मान और शांतिपूर्ण धार्मिक गतिविधियों की वकालत की।

दिल्ली सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने मौलाना साजिद रशीदी के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आतंकवादियों को छोड़कर उन्हें सभी लोग आतंकवादी दिखाई देते हैं। 26/11 मुंबई हमले का आतंकवादी अजमल कसाब, बुरहान वानी या 9/11 हमलों के आतंकवादी उन्हें दिखाई नहीं देते और ऐसे मामलों में कहा जाता है कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। लेकिन जब कोई भोलेनाथ का भक्त, राम भक्त या जगदंबा का भक्त सामने आता है, तो उसके लिए अपमानजनक और भद्दी भाषा का इस्तेमाल किया जाता है।

कपिल मिश्रा ने कहा कि मौलाना को आत्ममंथन करना चाहिए और दुनिया के बड़े आतंकवादियों की सूची देखकर यह समझना चाहिए कि वास्तविकता क्या है। कई बार लोग आईना देखने से बचते हैं, लेकिन मौलानाओं को आईना देखने की जरूरत है। यदि भोलेनाथ के भक्तों पर सवाल उठाए जाएंगे तो यह गलत जगह छेड़ने जैसा होगा और यह उन्हें महंगा पड़ेगा।

प्रतापगढ़ में भाजपा विधायक राजेंद्र कुमार मौर्य ने भी मौलाना साजिद रशीदी की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान तुष्टिकरण की मानसिकता को दर्शाते हैं। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार कांवड़ यात्रियों के सम्मान और सुविधा के लिए लगातार काम कर रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह भंडारों का आयोजन किया जाता है, श्रद्धालुओं के पैरों तक को धोकर उनका सम्मान किया जाता है। प्रशासन और स्वयंसेवी संगठन मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। पूरे सावन माह में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए निकलने वाले श्रद्धालुओं की यात्रा निर्बाध रूप से संपन्न हो, इसके लिए सरकार और समाज पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

वहीं, समाजवादी पार्टी ने इस विवाद से किनारा कर लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि समाजवादी पार्टी किसी मौलाना, पंडित या अन्य धार्मिक नेता के बयानों पर प्रतिक्रिया नहीं देती। पार्टी का स्पष्ट मत है कि सभी नागरिकों के संवैधानिक अधिकार सुरक्षित रहने चाहिए और हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की पूरी स्वतंत्रता है। धार्मिक स्वतंत्रता का प्रयोग हमेशा शांतिपूर्ण और जिम्मेदारीपूर्ण तरीके से होना चाहिए। जो लोग धार्मिक आयोजनों का संचालन करते हैं या उनमें भाग लेते हैं, उन्हें अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों का भी पूरी तरह निर्वहन करना चाहिए।

–आईएएनएस

पीएसके


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