यूपी में पूर्ण बहुमत से बनेगी बसपा सरकार, 2007 का जनादेश दोहराएगी पार्टी: सतीश कुमार सिंह

कैमूर, 7 अगस्त (आईएएनएस)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक सतीश कुमार सिंह यादव ने शुक्रवार को कई अहम मुद्दों पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर जुबानी हमला किया। उन्होंने आगामी यूपी विधानसभा चुनाव, यूपीआई पर टैक्स की चर्चाओं, कांवड़ यात्रा को लेकर मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान समेत कई अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।
उत्तर प्रदेश की राजनीतिक हलचल और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर विधायक ने दावा किया कि बहुजन समाज पार्टी एक बार फिर 2007 का इतिहास दोहराएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और वर्ष 2027 में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। बसपा सुप्रीमो मायावती के नेतृत्व में पार्टी उत्तर प्रदेश की सत्ता में वापसी करेगी और 2007 जैसा जनादेश दोबारा हासिल करेगी।
यूपीआई लेनदेन पर टैक्स लगाए जाने की चर्चाओं को लेकर सतीश कुमार सिंह यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी स्थिति बनती जा रही है कि हर चीज पर टैक्स लगाया जा रहा है। अब ऐसा लगता है कि आने वाले दिनों में सरकार लोगों के बोलने और सुनने पर भी टैक्स लगा देगी। खाने, पीने, चलने और रोजमर्रा की हर गतिविधि पर टैक्स का बोझ बढ़ता जा रहा है। सरकार गरीबों, किसानों और मजदूरों पर लगातार आर्थिक बोझ डाल रही है और आम लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
कांवड़ यात्रा पर मौलाना साजिद रशीदी के विवादित बयान पर विधायक ने कहा कि उन्होंने संबंधित बयान नहीं सुना है, इसलिए उस पर कोई सीधी टिप्पणी नहीं करेंगे। कांवड़ यात्रा करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है और इसे राजनीति से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। प्रत्येक व्यक्ति को अपने धर्म और आराध्य की पूजा करने की पूरी स्वतंत्रता है। मैं खुद कई बार सुल्तानगंज से देवघर तक पैदल कांवड़ यात्रा कर चुका हूं। यदि आस्था न होती तो लोग 100 किलोमीटर से अधिक की कठिन पैदल यात्रा नहीं करते। किसी की भी धार्मिक आस्था पर टिप्पणी करना उचित नहीं है और ऐसा करना मूर्खता है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में नई एसआईटी के गठन पर विधायक ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान राम के नाम पर सत्ता में आए, वही अब राम के नाम पर एकत्र किए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे हैं। यदि राम मंदिर और अन्य मंदिरों में चंदे से जुड़े मामलों की जांच के लिए एसआईटी बनाई जा रही है तो यह भी देखा जाना चाहिए कि अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई। जिन लोगों पर आरोप हैं, वही बंद कमरों में बैठकर बैठकें कर रहे हैं। जब तक सरकार की मंशा साफ नहीं होगी, तब तक इस मामले में दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई संभव नहीं है। यदि धार्मिक आस्था से जुड़े धन में किसी प्रकार की गड़बड़ी हुई है तो यह करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत करने वाला विषय है।
कैमूर जिले के स्वास्थ्य विभाग में पिछले पांच महीनों से सुरक्षा गार्डों का भुगतान रुके होने और नई एजेंसी द्वारा कथित रूप से नियुक्ति के नाम पर पैसे मांगने के आरोपों को विधायक ने एक गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में सुरक्षा गार्ड उनसे मिलने आए थे। गार्डों ने आरोप लगाया कि उन्हें हटाया जा रहा है और नई एजेंसी नौकरी देने के बदले 40 हजार रुपए की मांग कर रही है। मैंने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और स्वास्थ्य सचिव को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत भेज दी है।
उन्होंने आगे कहा कि पिछले कुछ दिनों में उन्होंने संबंधित एजेंसी की जानकारी जुटाई, जिसमें पता चला कि उस कंपनी पर किशनगंज में पूर्व में कार्य के दौरान 1 करोड़ 82 लाख रुपए के कथित गबन का मामला दर्ज है और जांच चल रही है। झारखंड में भी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस एजेंसी पर पहले से गंभीर आरोप और मुकदमे दर्ज हैं, उसे कैमूर जिले में स्वास्थ्य विभाग के सुरक्षा गार्डों का कार्य कैसे सौंप दिया गया।
उन्होंने आगे कहा कि स्वास्थ्य विभाग की बैठक में उन्होंने इस मुद्दे को अपर सचिव के समक्ष भी उठाया। अधिकारियों ने पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई तथा जरूरत पड़ने पर एजेंसी का अनुबंध रद्द करने का आश्वासन दिया है। अब मेरी नजर अगले चार से पांच दिनों में होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर रहेगी।
–आईएएनएस
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