मोहन भागवत का युवाओं से संवाद राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम कदम: सतीश महाना


लखनऊ, 7 अगस्त (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने आरआरएस प्रमुख मोहन भागवत की युवाओं से बातचीत और देश की संस्कृति को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि मोहन भागवत ने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित किया है और वे हर मुद्दे की हकीकत को समझते हैं।

सतीश महाना ने आईएएनएस से कहा, “सरसंघचालक मोहन भागवत ने अपना पूरा जीवन समाज और राष्ट्र को समर्पित कर दिया है। वे हर मुद्दे की वास्तविकता को समझते हैं। मुझे याद है जब हम बच्चे थे, मेरे पिता आरएसएस से जुड़े थे, तो हम बाल स्वयंसेवक के रूप में शाखा में जाते थे। वहीं हमने मूल्य और अनुशासन सीखा।”

उन्होंने कहा, “शाखाएं सिर्फ खेल का स्थान नहीं हैं। ये मूल्य देने का माध्यम हैं। ये लोगों को इस राष्ट्र के स्वाभिमान को पहचानने में मदद करती हैं और देश के प्रति समर्पण भाव से काम करने के लिए प्रेरित करती हैं।”

सतीश महाना ने भागवत की जेन-जी से बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, “जब नौजवान आता है तो नई ऊर्जा के साथ आता है, उनमें एक नया जज्बा होता है। ऐसे में मोहन भागवत उनके साथ बैठे। उन्होंने उनसे बहुत सारे विषयों पर बातचीत की।”

उन्होंने कहा, “हमारा आज का नौजवान बहुत योग्य है। बहुत इनोवेटिव है। आजादी के 100 साल बाद 2047 में भारत कैसा होगा। इस नाते मोहन भागवत ने नौजवानों से बातचीत की। आज के नौजवानों के सपनों का भारत हो, इस नाते मोहन भागवत ने युवाओं से बात की।”

भारत की संस्कृति और कला पर बोलते हुए यूपी विधानसभा अध्यक्ष ने कहा, “भारत की संस्कृति, इसकी परंपराएं, शिल्प, कला और विरासत सबसे ऊंचे स्तर की है। अगर हम बात करें तो भारत में बने कपड़े कभी पूरी दुनिया में निर्यात होते थे। आज भी हम इतिहास की कहानियां सुनते हैं कि भारत में बने कई वस्त्र 200 साल या उससे अधिक समय तक टिके हैं।”

उन्होंने कहा, “जब हम हथकरघे की बात करते हैं तो पूरा परिवार मिलकर कपड़ा बुनता है। इस प्रक्रिया से न सिर्फ पारिवारिक रिश्ते मजबूत होते हैं, बल्कि हमारी संस्कृति, मूल्य, कलात्मक परंपराएं और शिल्प भी सुरक्षित रहते हैं। जब ये सभी तत्व एक साथ आते हैं, तो वे भारत का सच्चा और सुंदर स्वरूप प्रस्तुत करते हैं।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए सतीश महाना ने कहा, “जब वे प्रधानमंत्री बने तब से ही वे छोटे उद्योगों और एमएसएमई के बारे में सोच रहे हैं। उन्होंने जो योजनाएं लाईं, चाहे वह बैंक के माध्यम से हो, मुद्रा लोन के माध्यम से, विभिन्न योजनाओं के माध्यम से छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने का काम किया।”

उन्होंने अपील की, “अगर हम लोग हैंडलूम के बने कोई प्रोडक्ट खरीदेंगे तो मुझे लगता है कि ये उनके और हमारे लिए भी अच्छा होगा।” पीएम मोदी ने वीडियो जारी कर हथकरघे से बने प्रोडक्ट्स खरीदने की बात कही थी।

–आईएएनएस

वीकेयू/वीसी


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