सोने की कीमत 7 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंची, सुरक्षित निवेश की बढ़ती मांग से चमका गोल्ड

नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश (सेफ हेवन) की बढ़ती मांग के चलते गुरुवार के कारोबारी सत्र में सोने की कीमतें 7 सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। हालांकि अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते की उम्मीद से पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेत मिले हैं, फिर भी अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट ने सोने को मजबूती प्रदान की।
इस बीच, मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अक्टूबर डिलीवरी वाले सोना का वायदा भाव 536 रुपए यानी 0.36 प्रतिशत बढ़कर 1,49,029 रुपए प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान यह 1,49,700 रुपए प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 1,207 रुपए यानी 0.81 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
वहीं, चांदी में भी शुरुआती कारोबार के दौरान खरीदारी का रुझान देखने को मिला। सितंबर डिलीवरी वाली चांदी वायदा ने 2,28,397 रुपए प्रति किलोग्राम का इंट्राडे हाई छुआ, जो पिछले बंद भाव 2,27,584 रुपए की तुलना में 813 रुपए या 0.35 प्रतिशत अधिक था। हालांकि बाद में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली और चांदी 583 रुपए यानी 0.26 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,27,001 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी, दोनों में मजबूती दर्ज की गई। कॉमेक्स पर सोना 0.36 प्रतिशत बढ़कर 4,320 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62.36 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
दिलचस्प बात यह है कि सोने में यह तेजी ऐसे समय आई है जब रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुल सकता है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिए हैं कि वॉशिंगटन, ईरान के साथ किसी समझौते पर पहुंचने की कोशिश कर रहा है।
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव कम होता है तो कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। इससे महंगाई को लेकर चिंताएं कम होंगी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव घटेगा। इसी वजह से अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट आई है, जिसने सोने को समर्थन दिया है।
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार, एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,50,000 से 1,50,700 रुपए का स्तर निकटतम प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। यदि कीमतें इस दायरे को पार करती हैं तो अगला लक्ष्य 1,52,200 से 1,52,800 रुपए के बीच हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के लिए 1,48,600 से 1,48,000 रुपए का स्तर तत्काल समर्थन (सपोर्ट) है। इसके नीचे जाने पर अगला सपोर्ट 1,46,600 से 1,46,000 रुपए के बीच देखा जा सकता है।
विश्लेषकों के मुताबिक, सोने की कीमतें 20, 50, 100 और 200 दिनों की सभी प्रमुख एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (ईएमए) के ऊपर निकल चुकी हैं, जो बाजार में मजबूत तेजी का संकेत है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि 1,49,000 रुपए के ऊपर बने रहने पर सोना 1,50,000 रुपए के पार जा सकता है। हालांकि यदि कीमतें 1,49,000 रुपए से नीचे फिसलती हैं तो हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली का दौर शुरू हो सकता है।
चांदी को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि 2,29,000 रुपए के ऊपर मजबूती के साथ टिकने पर यह 2,31,500 से 2,32,500 रुपए के अगले प्रतिरोध क्षेत्र की ओर बढ़ सकती है।
चांदी के लिए 2,25,000 से 2,24,000 रुपए का स्तर प्रमुख समर्थन माना जा रहा है, जो पहले प्रतिरोध का काम कर रहा था। इसके नीचे अगला सपोर्ट 2,22,000 से 2,21,000 रुपए के बीच देखा जा सकता है।
तकनीकी संकेतकों के आधार पर चांदी फिलहाल 20-ईएमए और 200-ईएमए के ऊपर बनी हुई है। रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स (आरएसआई) 54 पर है और धीरे-धीरे ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बाजार में सुधरते रुख का संकेत देता है। हालांकि, मजबूत तेजी की पुष्टि के लिए 50-ईएमए के ऊपर निर्णायक बंद होना जरूरी होगा।
इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड 0.51 प्रतिशत फिसलकर 80 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 1 प्रतिशत टूटकर 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे कारोबार करता दिखा।
–आईएएनएस
डीबीपी