विकसित भारत के सपने को साकार करने में एनआईटी निभाएंगे अहम भूमिका : मणिपुर सीएम


इंफाल, 4 अगस्त (आईएएनएस)। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये संस्थान कुशल मानव संसाधन तैयार करने, नवाचार को बढ़ावा देने और देश के समग्र विकास को गति देने में अहम योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री मणिपुर के इंफाल स्थित एनआईटी के दीक्षांत समारोह में शामिल हुए। उन्होंने स्नातक की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही, उनके भविष्य में सफल होने की भी कामना की।

युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा कि एनआईटी मणिपुर का देश और प्रदेश के विकास को गति प्रदान करने की दिशा में अहम योगदान है।

उन्होंने मणिपुर में एनआईटी का एक स्थायी कैंपस स्थापित करने की दिशा में राज्य सरकार की प्रतिबद्धता जाहिर की। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से इस उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में पूरी कटिबद्धता के साथ काम किया जा रहा है।

उन्होंने इस विजन को आगे बढ़ाने की दिशा में भाजपा विधायक रामेश्वर सिंह की ओर से किए जा रहे समर्थन को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि अन्य हितधारकों के साथ कैंपस के निर्माण के लिए जमीन मुहैया करने की दिशा में संवाद का सिलसिला जारी है।

उन्होंने विकसित भारत 2047 के विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में तकनीकी शिक्षा की अहमियत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और संचार इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के क्षेत्र में इंजीनयरिंग की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण की दिशा में अहम योगदान देंगे।

मुख्यमंत्री ने मणिपुर एनआईटी को पूर्वोत्तर भारत में एक उभरता हुआ शिक्षण संस्थान बताया। मुख्यमंत्री ने स्नातक की उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वो कुशलता के पीछे भागे और भविष्य के संचालक बनें। साथ ही, विकसित भारत और विकसित मणिपुर बनाने दिशा में अपने कौशल का इस्तेमाल करें।

वहीं, एनआईटी बोर्ड के गवर्नर बजरंग लाल बागरा ने अपने संबोधन में स्नातक हो रहे छात्रों को बधाई दी और उनका उत्साह बढ़ाते उनसे खराई, नवाचार और सेवा को थामे रहने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का मार्गदर्शक नीति और करूणा होनी चाहिए। साथ ही, ग्रेजुएट हो रहे छात्रों से आग्रह किया कि वो राष्ट्र निर्माण और विकसित भारत 2047 को धरातल पर उतारने की दिशा में अपनी ओर से उल्लेखनीय योगदान दें।

दीक्षांत समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष और निदेशक के साथ मिलकर के उन मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल प्रदान किए, जिन्होंने इस शैक्षणिक सत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया था।

कार्यक्रम में एनआईटी मणिपुर के निदेशक प्रो. डी.वी.एल.एन. सोमयाजुलु, रजिस्ट्रार प्रो. खुमुकचम तोम्बा सिंह, बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और अकादमिक सीनेट के सदस्य, डीन, संकाय सदस्य, अधिकारी एवं कर्मचारी, स्नातक विद्यार्थी, अभिभावक उपस्थित थे।

–आईएएनएस

एसएचके/वीसी


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