किशोर कुमार की जयंती पर खंडवा पहुंचे विनोद राठौड़, बताया- 'यहां आकर लगता है, जैसे घर लौट आया हूं'


खंडवा, 4 अगस्त (आईएएनएस)। हिंदी सिनेमा के महान कलाकार किशोर कुमार की जयंती पर उनकी जन्मस्थली खंडवा एक बार फिर सुरों से गूंज उठेगी। दरअसल, उनकी याद में मध्य प्रदेश में मंगलवार शाम ‘किशोर नाइट’ का आयोजन किया गया है। इस खास मौके पर मशहूर प्लेबैक सिंगर विनोद राठौड़ को संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए ‘किशोर सम्मान’ से नवाजा जाएगा। सम्मान के रूप में उन्हें एक लाख रुपए की पुरस्कार राशि और ताम्रपत्र दिया जाएगा। इस सम्मान को लेकर विनोद राठौड़ ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि किशोर कुमार की जन्मभूमि खंडवा में यह सम्मान मिलना उनके जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है।

मीडिया से बात करते हुए विनोद राठौड़ ने कहा, ”किशोर दा की नगरी खंडवा में कदम रखते ही ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे दिनभर भटकने के बाद कोई इंसान शाम को अपने घर वापस लौट आया हो। यहां जैसी शांति और अपनापन कहीं और महसूस नहीं होता। यह जगह किशोर कुमार की मौजूदगी का एहसास कराती है।”

विनोद राठौड़ ने कहा, ”किशोर दा आज भी लोगों को आशीर्वाद देते हैं और उनकी यादें इस जगह से जुड़ी हुई हैं। अगर मुझे दोबारा जन्म लेने का मौका मिले तो मैं खंडवा में जन्म लेना चाहूंगा। यह ऐसी जगह है, जहां इंसान अपने मन की सच्चाई को महसूस करता है। यहां आने के बाद ऐसा लगता है जैसे किशोर दा यहीं मौजूद हैं और उनकी मौजूदगी हर कलाकार को अपने सुर और कला के प्रति ईमानदार रहने की प्रेरणा देती है।”

‘किशोर सम्मान’ को लेकर विनोद राठौड़ ने कहा, ”आमतौर पर सम्मान समारोह कई जगह होते हैं, जहां पुरस्कार मिलते हैं और उनकी खबरें सामने आती हैं, लेकिन खंडवा में मिलने वाला सम्मान मेरे लिए अलग मायने रखता है। यहां सिर्फ सम्मान नहीं है, बल्कि किशोर कुमार के लिए गाना, उनकी शैली को महसूस करना और उनकी यादों के बीच अपनी कला प्रस्तुत करना सबसे खास बात है। मेरे साथ मौजूद अन्य गायक भी किशोर दा के गीतों को अपनी आवाज देंगे। खंडवा के लोग किशोर कुमार के परिवार की तरह हैं, इसलिए हर कलाकार को यहां पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुति देनी होगी।”

किशोर कुमार के पुराने घर की स्थिति को लेकर पूछे गए सवाल पर विनोद राठौड़ ने कहा, ”अगर वह जगह आज खंडहर जैसी दिखाई देती है, तो भी उसकी अहमियत कम नहीं होती। खंडहर में ही महादेव बसते हैं। आप महादेव के किसी भी मंदिर में जाएंगे, तो आप वहां आसानी से नहीं पहुंच सकते। केदारनाथ के लिए छह दिन लगते हैं और अमरनाथ के लिए सात दिन लगते हैं। बड़े धार्मिक स्थलों तक पहुंचने के बाद जो अनुभव मिलता है, वह अनमोल होता है। उसी तरह किशोर दा से जुड़ी हर चीज उनके प्रशंसकों के लिए श्रद्धा का स्थान है।”

किशोर कुमार को भारत रत्न दिए जाने की मांग पर विनोद राठौड़ ने कहा, ”किशोर दा की लोकप्रियता केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया में उनके प्रशंसक मौजूद हैं। उनके योगदान को किसी एक सम्मान में सीमित नहीं किया जा सकता। किशोर दा का कद इतना बड़ा है कि उनके लिए ऐसा सम्मान होना चाहिए, जिसकी पहचान पूरी दुनिया में हो। भारत रत्न किशोर दा के लिए बहुत छोटा है।”

–आईएएनएस

पीके/एबीएम


Show More
Back to top button