बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बीएलएफ की बढ़ती कार्रवाई, 97 सैन‍िकों को मारने का दावा


क्वेटा, 3 अगस्त (आईएएनएस)। बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (बीएलएफ) ने दावा किया है कि उसने पिछले महीने बलूचिस्तान में 48 अभियानों के दौरान 97 पाकिस्तानी सैन्यकर्मियों और पांच कथित मुखबिरों को मार गिराया, जबकि 15 अन्य सैनिक घायल हुए। स्थानीय मीडिया की सोमवार की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।

द बलूचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन की ओर से जारी की गई जानकारी के अनुसार, अपने मासिक ऑपरेशनल रिपोर्ट में बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच ने कहा कि संगठन ने पाकिस्तानी सेना, अन्य सरकारी सुरक्षा बलों, सैन्य और आर्थिक ठिकानों, संचार नेटवर्क और निगरानी ढांचे को निशाना बनाकर ये अभियान चलाए।

इन हमलों को काहान, चागई, खारन, कलात, मस्तुंग, खुजदार, बासिमा, मांड, टुम्प, गोमाज़ी, झाओ, क्वेटा, ज़मुरान, सुराब, मशकेल, बुलेदा, कराची, पासनी, राखनी, नाल, खुदान, बालनेगवार और मशके में किए गए। बीएलएफ का कहना है कि इन कार्रवाइयों का मकसद बलूचिस्तान में पाकिस्तानी राज्य की उस व्यवस्था को कमजोर करना है जिसे वह ‘औपनिवेशिक ढांचा’ बताता है। साथ ही संगठन का दावा है कि वह संसाधनों के दोहन को रोकना और क्षेत्र पर सेना के नियंत्रण को कमजोर करना चाहता है।

ग्वाहराम बलोच ने 22 जुलाई को मस्तुंग के खादकोचा इलाके में मैक्रो स्टॉप के पास पाकिस्तानी सैन्य काफिले पर हुए हमले को महीने की सबसे बड़ी और सबसे घातक कार्रवाई बताया। संगठन ने दावा किया कि इस हमले में 17 सैनिक मारे गए और 10 अन्य घायल हुए। इसके अलावा सैन्य काफिले को भी भारी नुकसान पहुंचा।

बीएलएफ का कहना है कि उसके लड़ाकों ने जुलाई के दौरान प्रमुख राजमार्गों पर नौ जगहों पर नाकेबंदी कर नियंत्रण स्थापित किया, ताकि सेना की सप्लाई लाइनों को बाधित किया जा सके और इलाके में अपनी पकड़ मजबूत की जा सके।

संगठन की ओर से जारी बयान के अनुसार, सात पाकिस्तानी सैन्य काफिलों पर घात लगाकर हमले किए गए, जिनसे सैनिकों और सैन्य सामान को नुकसान पहुंचा। समूह ने यह भी दावा किया कि उसके लड़ाकों ने छह बड़े सैन्य शिविरों और सात चेकपोस्टों पर समन्वित हमले किए।

बीएलएफ ने दावा किया कि उसने हवाई निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जा रहे दो ड्रोन और जमीन पर लगे तीन निगरानी कैमरों को नष्ट कर दिया। संगठन के अनुसार, उसकी कार्रवाइयों और विस्फोटों में 15 सैन्य वाहन तबाह हुए और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों से पांच आधुनिक हथियार भी कब्जे में लिए गए।

बयान में कहा गया कि जुलाई के दौरान किए गए हमलों में संगठन ने अलग-अलग गुरिल्ला रणनीतियों का इस्तेमाल किया। इनमें भारी हथियारों से किए गए 16 हमले, आठ घात लगाकर हमले, पांच खुफिया जानकारी के आधार पर गुप्त अभियान, चार स्नाइपर हमले, दो ग्रेनेड लॉन्चर हमले, दो आईईडी हमले और एक हैंड ग्रेनेड हमला शामिल था।

बलूच सशस्त्र संगठन का यह बयान ऐसे समय आया है जब पाकिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाने वाले हमलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है, खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांतों में।

–आईएएनएस

एवाई/डीकेपी


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