ईरान के लिए आखिरी मौका, जल्द किसी नतीजे पर पहुंचेगी बातचीत : डोनाल्ड ट्रंप


नई द‍िल्‍ली, 4 अगस्त (आईएएनएस)। ईरान को लेकर अमेर‍िकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को एक इंटरव्‍यू के दौरान कहा क‍ि ये बातचीत जल्द ही किसी न किसी नतीजे पर पहुंच जाएगी। यह कोई बहुत मुश्किल बात नहीं है। हम होर्मुज स्ट्रेट को खोलने की बात कर रहे हैं। इसे सचमुच मंगलवार तक खोल दिया जाए। पूरी तरह से खोल दिया जाए।

ट्रंप ने आगे कहा कि यह पहला चरण है, और दूसरे चरण में हम परमाणु मुद्दे पर बात करेंगे। इस मामले में हमारा रुख बहुत सख्‍त है। उनके (ईरान के) पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते। बातचीत अभी भी चल रही है। यह उनके लिए आखिरी मौका है। एक अच्छे समझौते पर हस्ताक्षर करने का यह उनका अंतिम अवसर है।

इससे पहले ट्रंप ने सोमवार को ईरानी नेतृत्व को ‘दोहरे चरित्र वाला’ बताया। ट्रंप ने कहा क‍ि वह एक तरफ तो अमेर‍िका के साथ बातचीत के ल‍िए ग‍िड़ग‍िड़ाते रहते हैं और बैठक तय होते ही खुलेआम कहते फ‍िरते हैं क‍ि कोई बातचीत नहीं हो रही है। यहां तक कि होर्मुज स्‍ट्रेट को लेकर भी बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं।

ट्रंप ने कहा क‍ि ईरान चाहे कुछ भी दावा करता रहे, लेक‍िन यह स्‍पष्‍ट है क‍ि होर्मुज स्‍ट्रेट पर अमेरिका का न‍ियंत्रण बना हुआ है और जब तक अमेरिका नहीं चाहेगा, तब तक ईरान के पास कुछ भी नहीं पहुंचेगा।

ट्रंप ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्‍ट क‍िया, “ईरान का नेतृत्व हैरान करने वाली दोहरी बातें करता है। वे बैठक की मांग करते हैं, कुछ लोग तो कहेंगे कि वे इसके लिए ‘गिड़गिड़ाते’ हैं। बातचीत शुरू होती है और आगे के कई दौर तय होते हैं, लेकिन फिर वे खुलेआम और बड़े गर्व से कहते हैं कि कोई बातचीत ही नहीं हो रही, किसी भी मुद्दे पर चर्चा नहीं चल रही, और वे सिर्फ ‘ओमान’ से बात कर रहे हैं।”

ट्रंप ने कहा क‍ि वे हमेशा की तरह बड़े-बड़े दावे करने लगते हैं कि होर्मुज स्‍ट्रेट पर उनका पूरी ताकत से नियंत्रण रहेगा। हकीकत यह है कि उस इलाके पर पहले से ही अमेरिकी नौसेना का पूरा नियंत्रण है और हमारी ‘नाकाबंदी’ या जैसा कुछ लोग कहते हैं, ‘अमेरिका की स्टील की दीवार’ वहां मौजूद है।

उन्‍होंने कहा क‍ि ईरान तक कुछ भी नहीं पहुंच सकता, जब तक हम ऐसा नहीं चाहते। और तब तक कुछ भी नहीं पहुंचेगा, जब तक कोई समझौता नहीं हो जाता या फिर पूरी तरह आत्मसमर्पण नहीं किया जाता।

ट्रंप ने कहा क‍ि ईरान चाहे इसे माने या न माने, लेकिन हम उस समस्या का हल निकालने के लिए बातचीत कर रहे हैं, जिसे उसने दशकों से पैदा किया है। बात बिल्कुल साफ है, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे।

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ‘अप्रत्यक्ष वार्ता’ से जुड़े दावे को सिरे से खारिज कर दिया। बाघेई ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “किसी प्रतिनिधि का स्वागत करने या फिर किसी को बातचीत के लिए भेजने की हमारी कोई योजना नहीं है। फिलहाल हमारी यूएस से कोई बातचीत नहीं चल रही है।”

–आईएएनएस

एवाई/एबीएम


Show More
Back to top button