अगस्त में आईटीआर, बैंकिंग, एलपीजी और क्रेडिट-डेबिट कार्ड से जुड़े कई अहम वित्तीय बदलाव, जानिए आपकी जेब पर क्या होगा असर


नई दिल्ली, 1 अगस्त (आईएएनएस)। अगस्त 2026 की शुरुआत के साथ ही आम लोगों, टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों और यात्रियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण वित्तीय बदलाव लागू हो गए हैं। इस महीने आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल करने की अंतिम तारीख, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक, रेलवे के तत्काल टिकट बुकिंग नियमों में बदलाव, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें और कई बैंकों के डेबिट व क्रेडिट कार्ड नियमों में संशोधन जैसे बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे। ऐसे में चलिए जानते हैं अगस्त में कौन-कौन से वित्तीय बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकते हैं।

अगस्त का सबसे अहम वित्तीय अपडेट आयकर रिटर्न (आईटीआर) फाइल करने की अंतिम तारीख है। ऐसे करदाता जो आईटीआर-3 या आईटीआर-4 दाखिल करते हैं और जिन पर टैक्स ऑडिट लागू नहीं होता, उनके लिए 31 अगस्त 2026 अंतिम तारीख है।

इसमें स्वरोजगार करने वाले पेशेवर, फ्रीलांसर, छोटे कारोबारी और आयकर अधिनियम की धारा 44एडी और 44एडीए के तहत प्रिजम्प्टिव टैक्सेशन स्कीम चुनने वाले करदाता शामिल हैं। यदि निर्धारित समय तक रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है तो धारा 234एफ के तहत 5,000 रुपए तक का जुर्माना लग सकता है। साथ ही, यदि टैक्स बकाया है तो धारा 234ए के तहत ब्याज भी देना पड़ सकता है।

इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक 3 अगस्त से 5 अगस्त तक आयोजित होगी और 5 अगस्त को नीतिगत फैसले की घोषणा की जाएगी।

हालांकि इस बैठक के तुरंत बाद किसी बड़े नियामकीय बदलाव के लागू होने की संभावना नहीं है, लेकिन रेपो रेट, ब्याज दरों और तरलता को लेकर आरबीआई का रुख आने वाले समय में होम लोन की ईएमआई, बैंक लोन और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) की ब्याज दरों को प्रभावित कर सकता है।

भारतीय रेलवे ने 1 अगस्त से रिजर्वेशन काउंटरों पर तत्काल टिकट बुकिंग के लिए टोकन सिस्टम लागू कर दिया है, जिसका उद्देश्य टिकट बुकिंग प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना और काउंटरों पर भीड़ कम करना है।

इसके अलावा, भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए बीते शुक्रवार को एक नई डिजिटल सेवा शुरू की है, जिसके अंतर्गत अब ट्रेन में यात्रा करने वाले यात्री टिकट बुक करते समय ही अतिरिक्त सामान की ऑनलाइन बुकिंग और भुगतान कर सकेंगे। इस नई व्यवस्था से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने से पहले अलग से पार्सल कार्यालय जाकर अतिरिक्त सामान बुक कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में 200 रुपए से अधिक की कटौती की है।

नई दरों के अनुसार, दिल्ली में कमर्शियल सिलेंडर 202 रुपए और कोलकाता में 209 रुपए सस्ता हुआ है। नई कीमतें 1 अगस्त से लागू हो गई हैं। हालांकि घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

एक्सिस बैंक ने अपने प्रीमियम बर्गंडी के लिए मैग्नस क्रेडिट कार्ड पर मिलने वाले कई लाभों में बदलाव करने की घोषणा की है। 28 अगस्त से बैंक डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (डीसीसी) शुल्क को 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर देगा।

इसके अलावा, टोल भुगतान और गिफ्ट कार्ड खरीद पर मिलने वाले रिवॉर्ड पॉइंट्स बंद कर दिए जाएंगे। वहीं घरेलू एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस के लिए प्रायोरिटी पास से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया जाएगा।

इसके साथ ही एक्सिस बैंक प्रेस्टाइज डेबिट कार्ड पर मिलने वाले कॉम्प्लिमेंट्री इंश्योरेंस कवर की पात्रता भी बदल गई है। अब बीमा लाभ पाने के लिए ग्राहकों को बीमा घटना से 30 दिन पहले कम से कम एक पात्र डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन करना होगा। पहले यह अवधि 90 दिन थी।

इसके अलावा, 28 अगस्त से एक्सिस बैंक अपने डेबिट कार्ड पर डीसीसी शुल्क 1.5 प्रतिशत से बढ़ाकर 3.5 प्रतिशत कर देगा।

कोटक महिंद्रा बैंक ने भी 1 अगस्त 2026 से अपने डेबिट कार्ड पर डायनेमिक करेंसी कन्वर्जन (डीसीसी) शुल्क बढ़ा दिया है। अब ग्राहकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापारियों या विदेश में प्रोसेस होने वाले लेनदेन पर 3.5 प्रतिशत + जीएसटी शुल्क देना होगा। इससे पहले यह शुल्क 1 प्रतिशत + जीएसटी था।

अगस्त से कई बैंकों ने अपनी बैंकिंग सेवाओं के शुल्क में भी संशोधन किया है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने एसएमएस अलर्ट शुल्क को संशोधित करते हुए प्रति संदेश 30 पैसे कर दिया है, हालांकि इस पर मासिक सीमा भी लागू होगी।

इसके अलावा, ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने बैंकों से डेबिट कार्ड के वार्षिक रख-रखाव शुल्क, ट्रांजैक्शन फीस और अन्य बैंकिंग सेवाओं में हुए बदलावों की जानकारी भी जरूर प्राप्त करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त में लागू हुए ये बदलाव टैक्स अनुपालन, बैंकिंग खर्च, निवेश और यात्रा से जुड़े फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में समय रहते इन नए नियमों की जानकारी रखना जरूरी है, ताकि अतिरिक्त शुल्क, जुर्माने और असुविधा से बचा जा सके।

–आईएएनएस

डीबीपी


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