मांड्या में किसान दंपति की आत्महत्या पर कुमारस्वामी ने कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार


मांड्या, 31 जुलाई (आईएएनएस)। कर्नाटक के मांड्या जिले में एक किसान दंपति की आत्महत्या का मामला शुक्रवार को सियासी रंग ले गया। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सरकार पर सूखे की बिगड़ती स्थिति को नजरअंदाज करने और संकट में फंसे किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।

कुमारस्वामी मांड्या तालुक के हत्ना बेवुकल्लू गांव पहुंचे, जहां मीसे पुत्तास्वामी (58) और उनकी पत्नी नागम्मा (55) ने कथित तौर पर फसल खराब होने और बढ़ते कर्ज के कारण आत्महत्या कर ली थी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह घटना पूरे कर्नाटक में किसान समुदाय के सामने मौजूद गंभीर हकीकत को दर्शाती है।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, लगभग 5 एकड़ जमीन के मालिक इस दंपति को गुरुवार (30 जुलाई) को एक पेड़ से लटका हुआ पाया गया। उनके साथ बच्चे भी रहते थे। बताया जा रहा है कि पुत्तास्वामी ने वर्षों में कई स्रोतों से कर्ज लिया था। लगातार कम बारिश के कारण फसलें बर्बाद हो गईं और कर्जदारों का दबाव बढ़ता गया, जिससे दंपति ने यह कदम उठाया।

परिवार से मिलने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए कुमारस्वामी ने कहा कि कर्नाटक में एक बार फिर किसान आत्महत्याओं की लहर देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि सैकड़ों किसान अपनी जान देने को मजबूर हो रहे हैं और राज्य के कई हिस्सों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है।

उन्होंने कहा, “संकट में फंसे किसानों की मदद करने के बजाय इस सरकार के लोग सूखे खेतों में फोटो खिंचवाने में व्यस्त हैं। आज किसानों को आत्मविश्वास और सहयोग चाहिए, फोटो-ऑप नहीं।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैंक कर्ज बकाया रखने वाले किसानों को नोटिस भेजने लगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि राज्य सरकार इस संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठा रही है।

उन्होंने कहा, “सबसे बड़ी त्रासदी यह है कि जब किसान इतनी गंभीर मुसीबत झेल रहे हैं, तब कर्नाटक में कृषि मंत्री तक नहीं है।”

उन्होंने आगे कांग्रेस नेतृत्व पर आरोप लगाया कि वह शासन के बजाय कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं को प्राथमिकता दे रही है। कुमारस्वामी ने सरकार से तुरंत सूखे से प्रभावित किसानों को राहत देने पर ध्यान देने की मांग की।

–आईएएनएस

डीएससी


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