शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मांग, गो संरक्षण के दावों की सच्चाई सामने लाए उत्तर प्रदेश सरकार


वाराणसी, 26 जुलाई (आईएएनएस)। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने उत्तर प्रदेश सरकार पर उनकी ‘गो विशिष्ट यात्रा’ से जुड़े समर्थकों को नजरबंद करने और गो संरक्षण के नाम पर वास्तविक स्थिति छिपाने का आरोप लगाया है। उन्होंने सरकार से प्रदेश के गोआश्रय केंद्रों का पिछले चार माह का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग करते हुए कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो गोभक्तों की टोली अपने-अपने क्षेत्रों की गोशालाओं की वास्तविक स्थिति का दस्तावेजीकरण कर जनता के सामने रखेंगे।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनकी 81 दिनों तक चली ‘गो विशिष्ट यात्रा’ सफलतापूर्वक संपन्न हो गई है। उन्होंने यात्रा में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 26 जुलाई को समाचार पत्रों में ऐसे विज्ञापन प्रकाशित कराए हैं, जिनमें कई ऐसे तथ्य प्रस्तुत किए गए हैं जो वास्तविकता से मेल नहीं खाते। इन विज्ञापनों के माध्यम से जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि उनकी गोरक्षा संकल्प सभा में लोगों की भागीदारी रोकने के लिए कई स्थानों पर पुलिस ने समर्थकों को उनके घरों में ही नजरबंद किया। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुंचनी चाहिए।

शंकराचार्य ने कहा कि सरकार एक ओर लोगों को घरों में पुलिस के जरिए रोक रही है और दूसरी ओर विज्ञापनों के माध्यम से गो संरक्षण की बेहतर तस्वीर पेश कर रही है। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि सरकारी विज्ञापनों में दावा किया गया है कि प्रदेश की लगभग 12 लाख गायों की बेहतर तरीके से देखभाल की जा रही है। उन्होंने इस संबंध में केवल अपना वक्तव्य रखा था और वास्तविक हालात की ओर ध्यान आकर्षित किया था।

उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित गो आश्रय केंद्रों का पिछले चार महीनों का सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक किया जाए, ताकि वहां की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ऐसा करने में विफल रहती है तो वे अपने गोभक्तों की टोली से अपील करेंगे कि वे अपने-अपने क्षेत्रों के गो आश्रय केंद्रों की तस्वीरें और तथ्य एकत्र कर जनता के सामने वास्तविक स्थिति प्रस्तुत करें।

–आईएएनएस

एएसएच/वीसी


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