जौहर यूनिवर्सिटी पर एक्शन की तैयारी: कांग्रेस ने उठाए सवाल, भाजपा ने कहा- अवैध निर्माण पर होगी कार्रवाई


लखनऊ, 16 जुलाई (आईएएनएस)। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों के खिलाफ प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे आजम खान के नाम से जोड़कर की जा रही कार्रवाई बताया, जबकि भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि यदि कोई निर्माण अवैध है तो उसका ध्वस्तीकरण हर हाल में होगा, चाहे वह किसी का भी हो।

सहारनपुर में आईएएनएस से बातचीत के दौरान कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जब संबंधित भवनों का निर्माण हुआ था, उस समय रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) अस्तित्व में नहीं था। हालांकि, असली मुद्दा यह नहीं है, बल्कि यह है कि यदि एक स्थापित शैक्षणिक संस्थान को बुलडोजर से ध्वस्त किया जाता है तो वहां पढ़ने वाले हजारों छात्रों के भविष्य पर इसका गंभीर असर पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार की नाराजगी आजम खान से है तो वह पहले से ही जेल में हैं, लेकिन छात्रों का इससे क्या संबंध है? बच्चों या विश्वविद्यालय की इमारतों से सरकार की क्या दुश्मनी है? यदि निर्माण में कोई कमी है तो उसका समाधान कंपाउंडिंग जैसी प्रक्रिया से किया जा सकता है। सरकार चाहे तो विश्वविद्यालय के संचालन की निगरानी अपने स्तर पर कर सकती है, लेकिन शिक्षा संस्थान को ध्वस्त करना उचित समाधान नहीं है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपील करते हुए इमरान मसूद ने कहा कि प्रदेश में ऐसे कई विश्वविद्यालय और संस्थान होंगे, जिनके नक्शों या अन्य औपचारिकताओं को लेकर सवाल हो सकते हैं। ऐसे में केवल इस संस्थान पर बुलडोजर चलाने के बजाय पुनर्विचार किया जाना चाहिए ताकि वहां शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों का भविष्य प्रभावित न हो। इस पूरे मामले के पीछे केवल आजम खान का नाम कारण है। यदि किसी व्यक्ति से राजनीतिक मतभेद हैं तो उसकी वजह से एक पूरे शैक्षणिक संस्थान को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने विपक्षी दलों से भी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ खुलकर आवाज उठाने की अपील की।

उन्होंने आगे कहा कि सरकार से उनकी हाथ जोड़कर विनती है कि विश्वविद्यालय में सभी वर्गों और समुदायों के छात्र पढ़ते हैं, इसलिए उनके हितों को ध्यान में रखते हुए संस्थान पर बुलडोजर चलाने के फैसले पर पुनर्विचार किया जाए। यदि निर्माण में कोई खामी है तो उसे नियमित करने या जुर्माना लगाने जैसे वैकल्पिक उपाय अपनाए जा सकते हैं।

वहीं, गाजीपुर में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार अवैध निर्माण के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई कर रही है। प्रदेश में जहां भी अवैध इमारतें पाई जाएंगी और यदि जांच में उनका निर्माण नियमों के विरुद्ध सिद्ध होता है तो उनका ध्वस्तीकरण तय है। यदि किसी व्यक्ति ने अपने पद या प्रभाव का दुरुपयोग करके अवैध निर्माण कराया है तो सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।

जब उनसे विपक्ष की इस मांग पर सवाल किया गया कि इमारत गिराने के बजाय जुर्माना लगाकर मामले का समाधान किया जाना चाहिए, तो कृष्ण बिहारी राय ने कहा कि ऐसा कहना अवैध निर्माण का समर्थन करने जैसा है। उन्होंने कहा कि राजनीति साफ-सुथरी होनी चाहिए और किसी भी प्रकार के अवैध कार्य का समर्थन नहीं किया जा सकता।

–आईएएनएस

पीएसके


Show More
Back to top button