कार्गो गिरने की घटना पर डीजीसीए ने इंडिगो को लगाई फटकार, एसओपी में खामियां मिलने पर जारी किया वार्निंग लेटर


नई दिल्ली, 10 जुलाई (आईएएनएस)। देश की सबसे बड़ी घरेलू एयरलाइन इंडिगो को एक उड़ान के दौरान कार्गो (माल) गिरने की घटना को लेकर नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने चेतावनी जारी की है। नियामक ने जांच में मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) और विमान (खतरनाक सामान का परिवहन) नियम, 2026 के कुछ प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर एयरलाइन को फटकार लगाई है।

इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया कि डीजीसीए ने ऑडिट के बाद कंपनी को चेतावनी पत्र (वार्निंग लेटर) जारी किया है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उठाए गए सुधारात्मक कदमों की एक्शन टेकन रिपोर्ट भी मांगी गई है।

कंपनी के अनुसार, यह मामला जनवरी 2026 का है, जब इंडिगो की एक उड़ान के उतरने के बाद जमीन पर कार्गो गिरा हुआ पाया गया था। इसके बाद डीजीसीए ने ऑडिट किया, जिसमें मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) से जुड़े कुछ उल्लंघन सामने आए, जिसके आधार पर नियामक ने चेतावनी पत्र जारी किया, जो एयरलाइन को 8 जुलाई को प्राप्त हुआ।

इंटरग्लोब एविएशन ने यह भी स्वीकार किया कि इस घटना की जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को देने में देरी हुई। हालांकि, कंपनी ने स्पष्ट किया कि यह देरी किसी जानबूझकर की गई लापरवाही के कारण नहीं, बल्कि आंतरिक संचार में हुई देरी की वजह से हुई।

कंपनी सचिव एवं मुख्य अनुपालन अधिकारी नीरजा शर्मा द्वारा हस्ताक्षरित फाइलिंग में कहा गया है कि, “सूचना देने में हुई देरी अनजाने में हुई। इसका कारण चेतावनी पत्र मिलने की जानकारी कंपनी के भीतर समय पर साझा न हो पाना था।”

एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से जारी इस चेतावनी के तहत कंपनी पर कोई जुर्माना, प्रतिबंध या अन्य दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है। कंपनी के अनुसार, इस चेतावनी का उसके वित्तीय प्रदर्शन, परिचालन या अन्य कारोबारी गतिविधियों पर कोई महत्वपूर्ण असर नहीं पड़ेगा।

इस बीच, इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में 2,536 करोड़ रुपए का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया था। इससे एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 3,068 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था। वहीं, कंपनी का ऑपरेशंस से राजस्व सालाना आधार पर 1 प्रतिशत बढ़कर 22,438 करोड़ रुपए रहा।

–आईएएनएस

डीबीपी


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