महाराष्ट्र में डॉक्टरों के साथ मारपीट के आरोप में शिवसेना के पार्षद और तीन अन्य गिरफ्तार


मुंबई, 8 जुलाई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र के कल्याण में नगर निगम के अस्पताल के अंदर शिवसेना के कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे और उनके तीन साथियों ने डॉक्टरों और अस्पताल के स्टाफ से मारपीट की। इस घटना का वीडियो सीसीटीवी में भी कैद हुआ है। इसके बाद पुलिस ने रमेश म्हात्रे समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया से बात करते हुए असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस सुहास हेमाडे ने कहा कि मारपीट के मामले में चार आरोपी हैं। इनमें स्थानीय कॉर्पोरेटर रमेश म्हात्रे, अक्षय करंडे, राजेश पवार और प्रमोद निकम शामिल हैं।

मारपीट की घटना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि एक महिला मरीज शास्त्री नगर अस्पताल आई थी। उसके इलाज को लेकर एक बात पर बहस हो गई। इसके बाद, मरीज के रिश्तेदार आरोपियों के साथ आए और ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर वैभव सालुंखे, एक महिला डॉक्टर और एक नर्स के साथ मारपीट की।

पुलिस अधिकारी ने कहा कि डॉक्टर के साथ बदसलूकी की, उन्हें पीटा, गालियां दीं और धमकाया। इस घटना के बाद, डॉ. वैभव सालुंखे ने शिकायत दर्ज कराई और मामला दर्ज कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा और उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस बीच, महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने घटना की निंदा करते हुए कहा, “चाहे डॉक्टर पुरुष हो या महिला, किसी के साथ मारपीट करना बहादुरी का काम नहीं है। सिर्फ इसलिए कि वह व्यक्ति हमारी पार्टी का है, हम उसके कामों का बचाव नहीं करेंगे।”

हालांकि, उन्होंने डॉक्टरों से मरीजों का ठीक से इलाज करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “कुछ मामलों में डॉक्टरों का व्यवहार भी अच्छा नहीं होता, लेकिन फिर भी कॉर्पोरेटर ने जो किया है, हम उसका समर्थन नहीं करेंगे।”

घटना का वीडियो वायरल हो गया, जिससे मेडिकल प्रोफेशनल्स और आम जनता में गुस्सा फैल गया। कई हेल्थकेयर संगठनों ने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और कहा कि हेल्थकेयर वर्कर्स के खिलाफ हिंसा को किसी भी हाल में सही नहीं ठहराया जा सकता।

लोगों के विरोध के बावजूद, म्हात्रे ने महिला डॉक्टर के साथ मारपीट के आरोपों से इनकार किया।

बुधवार को एनडीटीवी से बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उन्होंने उन पर शारीरिक हमला नहीं किया था, बल्कि दावा किया कि उन्होंने सिर्फ उनके मोबाइल फोन पर थप्पड़ मारा था क्योंकि वह उनकी बातों का जवाब नहीं दे रही थीं।

उन्होंने तर्क दिया कि बार-बार फोन कॉल का जवाब न मिलने पर वह डॉक्टर का ध्यान खींचने की कोशिश कर रहे थे। म्हात्रे ने अपना बचाव करते हुए यह भी दावा किया कि वह मरीज और नवजात शिशु के भले के लिए ऐसा कर रहे थे।

म्हात्रे ने कहा कि वह इस घटना के लिए माफी नहीं मांगेंगे और कहा कि उनके प्रयास से महिला और बच्चे की जान बचाने में मदद मिली। हालांकि, उन्होंने कहा कि अगर डॉक्टर अपने व्यवहार के लिए माफी मांगते हैं, तो वे खेद व्यक्त करेंगे।

–आईएएनएस

डीकेएम/एबीएम


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