अब और आसान होंगी स्वास्थ्य सेवाएं, 29 जून को जेपी नड्डा करेंगे नई डिजिटल पहलों की शुरुआत

नई दिल्ली, 27 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई डिजिटल पहल शुरू करने जा रहे हैं। शनिवार को इसकी घोषणा की गई। इनमें ‘आरोग्य सेतु 2.0’ भी शामिल है, जो नागरिकों के लिए एक व्यापक पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड एप्लीकेशन (पीएचआर) है।
राष्ट्रीय राजधानी में 29 जून को होने वाले इस लॉन्च इवेंट में राज्यों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, हेल्थकेयर लीडर्स, टेक्नोलॉजी पार्टनर, इंडस्ट्री के प्रतिनिधि और हेल्थकेयर इकोसिस्टम से जुड़े मुख्य स्टेकहोल्डर्स शामिल होंगे। यह इवेंट भारत की एक कनेक्टेड और इंटरऑपरेबल हेल्थकेयर इकोसिस्टम बनाने की यात्रा में एक और मील का पत्थर साबित होगा।
शुरू की जा रही पहलों में नागरिकों के लिए एप्लीकेशन, सर्विस देने वालों (प्रोवाइडर्स) के लिए समाधान, इंटरऑपरेबिलिटी फ्रेमवर्क, रजिस्ट्रियां और डेटा स्टैंडर्ड्स शामिल हैं।
कोविड-19 महामारी के दौरान बने भरोसे और पहुंच को आगे बढ़ाते हुए, नया ‘आरोग्य सेतु 2.0’ एप्लीकेशन एक ही प्लेटफॉर्म के ज़रिए कई डिजिटल हेल्थ सर्विस तक पहुंचने का ज़रिया देता है।
मंत्रालय के अनुसार, यह एप्लीकेशन आभा (आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट) बनाने और मैनेज करने, डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड तक पहुंचने और उन्हें शेयर करने, सहमति-आधारित हेल्थ जानकारी के आदान-प्रदान, एआई-पावर्ड हेल्थ इनसाइट्स और स्मार्ट हेल्थ रिपोर्ट, पहनने योग्य डिवाइस (वियरेबल डिवाइस) के इंटीग्रेशन, ‘स्कैन एंड रजिस्टर’ के जरिए ओपीडी रजिस्ट्रेशन, ‘स्कैन एंड पे’ के ज़रिए अस्पताल के पेमेंट, दवा के रिमाइंडर और परिवार की हेल्थ मैनेजमेंट की सुविधा देता है।
यह आस-पास की हेल्थकेयर सुविधाओं और डॉक्टरों, एम्बुलेंस सेवाओं, ब्लड यूनिट की उपलब्धता वाले ब्लड बैंकों और जन औषधि केंद्रों को खोजने में भी मदद करता है। इसके अलावा, यह एप्लीकेशन पीएम-जेएवाई सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है, जिसमें पीएम-जेएवाई से जुड़े अस्पतालों को खोजना, एबी पीएम-जेएवाई वॉलेट और आयुष्मान सीएपीएफ पॉलिसी की जानकारी तक पहुंचना और अन्य हेल्थकेयर सेवाओं का आसानी से लाभ उठाना शामिल है।
आयुष्मान ऐप, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (एबी पीएम-जेएवाई) के लाभार्थियों के लिए एक वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के तौर पर भी काम करेगा।
एक और अहम पहल ‘आयुष्मान सारथी’ है, जो आयुष्मान भारत पीएम-जेएवाई के लाभार्थियों के लिए एक व्हाट्सएप चैटबॉट है।
इसे पीएम-जेएवाई सेवाओं को एक आसान बातचीत वाले इंटरफेस के जरिए उपलब्ध कराने के लिए डिजाइन किया गया है। ‘आयुष्मान सारथी’ नागरिकों को योजना से जुड़ी मुख्य सेवाओं का लाभ उठाने में मदद करेगा, जिससे सेवाओं तक पहुंच बेहतर होगी और अंतिम छोर तक सेवा पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत होगी। नेशनल हेल्थ क्लेम्स एक्सचेंज (एनएचसीएक्स), जो हेल्थ क्लेम्स की प्रोसेसिंग को आसान बनाने के लिए एक डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर है, सरकारी और प्राइवेट हेल्थ इंश्योरेंस प्रोग्राम में प्रोवाइडर्स और पेयर्स के बीच हेल्थ क्लेम की जानकारी के स्टैंडर्डाइज़्ड एक्सचेंज को संभव बनाएगा। इससे प्रशासनिक बोझ कम होगा और क्लेम प्रोसेसिंग तेजी से और ज्यादा कुशलता से हो सकेगी।
हेल्थकेयर इकोसिस्टम में दवाओं से जुड़ी जानकारी को स्टैंडर्डाइज़ करने के मकसद से ड्रग रजिस्ट्री भी लॉन्च की जाएगी।
डिजिटल स्वास्थ्य प्रणालियों के बीच सहज समन्वय (इंटरऑपरेबिलिटी) को साझा मानकों और समान शब्दावली पर आधारित मानते हुए, सरकार ‘कॉमन लॉइंक कोड्स फॉर इंडिया’ (सीएलसीआई) लॉन्च करेगी। यह भारतीय स्वास्थ्य सेवा की जरूरतों के अनुकूल अंतरराष्ट्रीय प्रयोगशाला मानकों का एक राष्ट्रीय स्तर पर तैयार सबसेट है। इसे स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के नेशनल रिसोर्स सेंटर फॉर इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड्स स्टैंडर्ड्स (एनआरसीईएस) द्वारा विकसित किया गया है।
–आईएएनएस
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