'देश के हित के लिए त्याग जरूरी', पीएम मोदी के जवाब से कानपुर के युवा खुश


कानपुर, 24 जून (आईएएनएस)। कानपुर के रहने वाले आशुतोष यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने आग्रह किया था कि वैश्विक अस्थिरता के समय पीएम मोदी द्वारा अपने काफिले का आकार कम करने के बाद भी उनकी सुरक्षा से कोई समझौता न किया जाए। प्रधानमंत्री से जवाब मिलने के बाद उन्होंने आभार व्यक्त किया।

आशुतोष यादव ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बातचीत करते हुए दोहराया कि ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के लिए नागरिकों द्वारा त्याग करना जरूरी है। उन्होंने कहा, “मैं खुद को भाग्यशाली और गौरवान्वित महसूस करता हूं कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक आम नागरिक अपनी बात प्रधानमंत्री तक पहुंचा सकता है और वे उसे सुनते भी हैं।”

उन्होंने कहा, “जब पीएम मोदी ने ईंधन बचाने की अपील की थी और उसी के अनुसार अपने काफिले का आकार कम कर दिया था, तब मैंने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की थी क्योंकि वे देश के प्रधानमंत्री हैं।”

यादव ने यह भी कहा कि यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) और हाईवे व रेलवे समेत बुनियादी ढांचे का विकास देश की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश के युवाओं पर विशेष रूप से भरोसा जताया है क्योंकि उनमें देश की किस्मत बदलने की क्षमता है।

आशुतोष यादव ने कहा, “पीएम मोदी ने उम्मीद जताई है कि 2047 तक भारत को ‘विकसित भारत’ बनाने का लक्ष्य युवाओं के कंधों पर है। उन्होंने पत्र में कहा कि एकता की भावना ही किसी भी योजना या विजन को पूरा करने की नींव होती है।”

उन्‍होंने कहा, “आज हमारा लक्ष्य अपनी अर्थव्यवस्था को सबसे विकसित बनाना है। ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना के साथ हमें त्याग करने की जरूरत है, भले ही इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमें भूखा ही क्यों न रहना पड़े। इसी बात को ध्यान में रखते हुए मैंने कहा था कि अगर हमें भूखा भी रहना पड़े तो भी हम सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे और कारपूलिंग या सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करेंगे।”

उन्होंने कहा, “हमें अपने देश के सामने आने वाली किसी भी तरह की चुनौतियों का मिलकर सामना करना होगा।”

आशुतोष यादव ने अपने पत्र में कोविड-19 महामारी के दौरान पीएम मोदी के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जिस नेतृत्व ने मुश्किल समय में देश में उम्मीद और भरोसा जगाया था, वह आज भी लाखों भारतीयों को प्रेरित कर रहा है।

उन्होंने भरोसा जताया कि मौजूदा वैश्विक चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत और मजबूत होकर उभरेगा और 2047 तक “विकसित भारत” बनने का लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल करेगा।

–आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी


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