लखनऊ हादसा : योगी सरकार ने की आर्थिक मदद की घोषणा, मृतकों के परिजनों को 5 लाख, घायलों को 50 हजार


लखनऊ, 22 जून (आईएएनएस)। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक बिल्डिंग में लगी भीषण आग में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। योगी सरकार ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख और घायलों को 50,000 रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इसके साथ ही किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय पहुंचकर घायलों एवं उनके परिजनों से भेंट की और चिकित्सकों से घायलों के उपचार के संबंध में जानकारी प्राप्त की।

सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी, “मैंने लखनऊ में आग लगने की घटना वाली जगह का मुआयना किया और किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी पहुंचकर इस दुखद घटना में घायल लोगों और उनके परिवारों से मिलकर उनका हाल-चाल जाना, साथ ही डॉक्टरों से घायलों के इलाज के बारे में जानकारी ली। कुशल डॉक्टरों की देखरेख में सभी घायलों का उचित इलाज प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।”

उन्होंने कहा, “इस दिल दहला देने वाली घटना में जिन्होंने अपनों को खोया है, उन परिवारों के दुख को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। यूपी सरकार पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है। मैं भगवान श्री राम से प्रार्थना करता हूं कि वे दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस घटना में असमय जान गंवाने वालों के परिवारों को 5 लाख रुपए और गंभीर रूप से घायलों को 50,000 रुपए की तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।”

हादसे में मृतकों और घायलों के नाम सामने आए हैं। इस दुखद घटना में जान गंवाने वाले लोगों में सागर, नीलेश, अनामिका, संयम, अनुच्छा, सुखमनी, आदित्य श्रीवास्तव, ज्योति, भविष्य, अब्दुल रहमान, सूरज, भाहजान, जयनिल चक्रवर्ती, मोहम्मद अम्मार, और सुमल्या शामिल हैं।

वहीं, जयंत, लवप्रीत, मोहम्मद आसिफ, भुवन श्रीवास्तव, पंकज, शैलेंद्र, अभिषेक, पंकज जोशी और गौरव कुमार घायल हुए हैं।

अलीगंज के पुरनिया क्षेत्र में स्थित बहुमंजिला भवन में दोपहर बाद अचानक आग लग गई। आग लगने के बाद इमारत में धुआं भर गया, जिससे अंदर मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग, पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया। राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फायर ब्रिगेड की करीब 10 गाड़ियों ने आग पर काबू पाया।

बचाव दल ने इमारत की पिछली दीवार तोड़कर अंदर फंसे लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया। इसी रास्ते से कई शवों को बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, भवन की पूरी तलाशी ली जा चुकी है और अब वहां किसी के फंसे होने की आशंका नहीं है। घटनास्थल पर मौजूद उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक हादसे की भयावहता देखकर भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी आंखों के सामने शवों को बाहर निकलते देखा है। उन्होंने बताया कि सरकार की प्राथमिकता घायलों को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है और हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के चिकित्सा अधीक्षक (एमएस) प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल में कुल 22 से 23 लोगों को लाया गया, जिनमें 15 लोगों को मृत अवस्था में लाया गया था। उन्होंने बताया कि आठ घायल भर्ती किए गए हैं, जिनमें से छह की हालत स्थिर है, जबकि दो गंभीर रूप से घायल हैं। सभी मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटनास्थल पर अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।

वहीं, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में आग लगने की दुखद घटना में कई लोगों की जान चली गई है, जो बेहद पीड़ादायक है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। राजनाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से बातचीत की है और हालात का जायजा लेने के लिए वह स्वयं लखनऊ पहुंच रहे हैं।

–आईएएनएस

विकेटी/एससीएच


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