बांग्लादेश: मंत्री ने संसद को बताया, 'दुबई में पकड़े गए पूर्व आईजीपी बेनजीर'

ढाका, 14 जून (आईएएनएस)। बांग्लादेश के पूर्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) बेनजीर अहमद को भ्रष्टाचार के एक मामले में दुबई में हिरासत में लिया गया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने संसद को बताया कि यह कार्रवाई इंटरपोल की सहायता से की गई। अहमद पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के विरुद्ध आईसीटी में चल रहे ट्रायल में भी सह-आरोपी हैं।
गृह मंत्री के अनुसार, 12 जून को दुबई पुलिस ने नेशनल सेंट्रल ब्यूरो के माध्यम से ईमेल भेजकर बांग्लादेश सरकार को सूचित किया कि बेनजीर अहमद को दुबई में हिरासत में लिया गया है। उन्होंने इसे बांग्लादेश पुलिस की एक बड़ी सफलता बताया और कहा कि उन्हें जल्द ही बांग्लादेश वापस लाने की प्रक्रिया चल रही है।
पूर्व आईजीपी के खिलाफ दिसंबर 2024 में एंटी करप्शन कमिशन (एसीसी) ने भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। उन पर अवैध संपत्ति अर्जित करने, संपत्तियों की जानकारी छिपाने और धन शोधन के आरोप हैं। जांच में लगभग 11.4 करोड़ टका की अघोषित संपत्ति का पता चला था।
3 मई 2026 को अदालत ने उनके खिलाफ आरोप तय किए थे, और 13 मई से गवाहों के बयान दर्ज होने शुरू हो गए थे। इसी मामले में इंटरपोल की मदद से उनकी गिरफ्तारी की गई।
बेनजीर अहमद एक अन्य गंभीर मामले में भी आरोपी हैं, जिसमें रैपिड एक्शन बटालियन (आरएबी) की पूछताछ इकाई से जुड़े कथित जबरन गुमशुदगी और मानवता के खिलाफ अपराधों की जांच हो रही है। इस मामले में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सहित 17 लोगों को आरोपी बनाया गया है। बेनजीर इस मामले में फरार घोषित किए जा चुके हैं।
उनके खिलाफ मानवता के विरुद्ध अपराध और वित्तीय भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर इंटरपोल का रेड नोटिस भी जारी है। अदालत के आदेश पर बांग्लादेश में उनकी और उनके परिवार की 621 बीघा जमीन, बैंक खाते और शेयर जब्त किए जा चुके हैं। अमेरिका और मलेशिया में उनकी संपत्तियों और खातों को भी फ्रीज करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा, दिसंबर 2021 से संयुक्त राज्य अमेरिका के वित्त विभाग ने कथित मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोपों के चलते उन पर वैश्विक मैग्निट्स्की प्रतिबंध कार्यक्रम के तहत प्रतिबंध लगा रखा है।
बेनजीर अहमद अप्रैल 2020 से सितंबर 2022 तक बांग्लादेश के आईजीपी रहे थे। इससे पहले वे 2015 से 2020 तक आरएबी के महानिदेशक थे। मई 2024 में भ्रष्टाचार जांच शुरू होने के बाद वे अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ देश छोड़कर भाग गए थे।
–आईएएनएस
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