राज्यसभा सीट से नहीं, आपसी सम्मान से जुड़ा है पीएम मोदी से रिश्ता: एच.डी. देवेगौड़ा

बेंगलुरु, 10 जून (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के संरक्षक एच.डी. देवेगौड़ा ने कांग्रेस के उस आरोप पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि भाजपा ने उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाकर कर्नाटक का अपमान किया है। देवेगौड़ा ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी व्यक्तिगत मित्रता और संबंध राज्यसभा सीट पर निर्भर नहीं हैं और यह रिश्ता जीवनभर कायम रहेगा।
बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि पिछले एक दशक में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनका संबंध आपसी सम्मान के आधार पर विकसित हुआ है। उन्होंने कहा, “मेरी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दोस्ती और व्यक्तिगत संबंध तब तक बने रहेंगे, जब तक मैं जीवित हूं। हमारा रिश्ता किसी राज्यसभा सीट के कारण नहीं है और न ही उसके खत्म होने से समाप्त होगा।”
उन्होंने कहा कि राज्यसभा नामांकन को लेकर उनकी कोई व्यक्तिगत रुचि नहीं है और इस विषय पर केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी पहले ही अपनी बात रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जेडी(एस) के केवल 18 विधायक हैं, इसलिए पार्टी अपने दम पर राज्यसभा सीट जीतने की स्थिति में नहीं है।
देवेगौड़ा ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए काम किया है और भारत को स्थिर नेतृत्व दिया है। उन्होंने कहा कि जब भी उन्हें उचित लगा, उन्होंने निडर होकर प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का समर्थन किया और अतीत में कुमारस्वामी को भी उनके साथ मिलकर काम करने की सलाह दी थी।
उन्होंने कहा, “पिछले 10 वर्षों से हमारे अच्छे संबंध रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाई है और आज देश ही नहीं, विदेशों में भी उनका सम्मान है।”
इस दौरान देवेगौड़ा ने उन अटकलों को भी खारिज कर दिया कि उन्हें उत्तर प्रदेश सहित किसी अन्य राज्य से राज्यसभा भेजा जा सकता है। उन्होंने कहा कि वह किसी सीट की मांग नहीं कर रहे हैं और उनका पूरा ध्यान पार्टी को मजबूत करने पर है।
उन्होंने कहा, “मैं सात दशक से राजनीति में हूं और हमेशा जनसेवा को समर्पित रहा हूं। अब मेरा लक्ष्य पार्टी संगठन को मजबूत करना है।”
देवेगौड़ा ने अपने राजनीतिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने ग्राम पंचायत और सहकारी संस्थाओं से सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की थी और बाद में विधायक, मुख्यमंत्री तथा देश के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर तय किया।
उन्होंने बताया कि उनका तत्काल फोकस आगामी ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (जीबीए), जिला पंचायत, तालुक पंचायत और अन्य स्थानीय निकाय चुनावों के लिए जेडी(एस) संगठन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि पार्टी जहां भी उन्हें प्रचार के लिए भेजेगी, वह वहां जाकर जनसभाएं करेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यसभा सदस्य न रहने के बावजूद वह कर्नाटक से जुड़े मुद्दों पर प्रधानमंत्री मोदी से संवाद करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “मैं राज्य के हितों के लिए प्रधानमंत्री को पत्र लिख सकता हूं और जरूरत पड़ने पर उनसे मुलाकात भी कर सकता हूं। राज्यसभा सीट हमारे रिश्ते को तय नहीं करती।”
देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी राष्ट्रीय स्तर पर जनसेवा का कार्य जारी रखेंगे।
बातचीत के अंत में उन्होंने कर्नाटक के कृषि क्षेत्र का भी जिक्र किया और कटहल की खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि हाल ही में बेंगलुरु के लालबाग में आयोजित फल महोत्सव में उन्होंने देखा कि मंड्या, रामनगर, दावणगेरे और मैसूर जैसे जिलों में बड़े पैमाने पर कटहल की खेती हो रही है, जबकि उत्तरी कर्नाटक के कुछ जिलों में खराब मौसम के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने किसानों और कृषि उत्पादों, विशेषकर फलों के बेहतर विपणन की दिशा में अधिक ध्यान देने की आवश्यकता पर जोर दिया।
–आईएएनएस
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