अल्पसंख्यक समुदायों को लगातार निशाना बना रही सरकार, बनाया जा रहा नकारात्मक माहौल: वारिस पठान

मुंबई, 8 जून (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल द्वारा मदरसों के सर्वे के समर्थन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बना रही है।
एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि जब से भाजपा सत्ता में आई है, तब से मुसलमानों को लेकर नकारात्मक माहौल बनाया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि समुदाय के खान-पान, पहनावे और धार्मिक स्थलों को लेकर लगातार टिप्पणी और कार्रवाई की जा रही है। मदरसें, मस्जिदें और दरगाहें बार-बार जांच और विवाद के केंद्र में लाई जा रही हैं, जिससे समाज में गलत संदेश जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में उत्तर प्रदेश में कई मदरसों से जुड़े मामलों पर कार्रवाई देखने को मिली है, जिसे लेकर समुदाय में चिंता बढ़ी है। वारिस पठान ने दावा किया कि मदरसों से कई विद्वान और शिक्षित लोग निकलकर देश और समाज में योगदान दे चुके हैं, इसलिए उन्हें संदेह की नजर से देखना गलत है।
सर्वे के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि यदि सरकार मदरसों का सर्वे कर रही है तो समानता के आधार पर मंदिरों का भी सर्वे होना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान सभी नागरिकों के लिए समान अधिकार की गारंटी देता है, इसलिए किसी भी धार्मिक संस्था के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, कानून का पालन सभी धार्मिक स्थलों पर समान रूप से होना चाहिए।
इसी दौरान एक अन्य मामले पर टिप्पणी करते हुए वारिस पठान ने कहा कि आयुष मलिक, जिन्हें मोहम्मद अली के नाम से भी जाना जाता है, ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उन्होंने अपनी इच्छा से धर्म परिवर्तन किया है और इस पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उनके परिवार के कुछ सदस्यों पर कार्रवाई की गई, जिसे उन्होंने अनुचित बताया।
इंडी अलायंस की बैठक को लेकर भी वारिस पठान ने विपक्षी दलों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम को इस गठबंधन में शामिल नहीं किया गया है और राजनीतिक रूप से उन्हें “अछूत” माना जाता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन विभिन्न विचारधाराओं का एक अस्थायी समूह है, जिसमें पहले एक-दूसरे के खिलाफ बोलने वाले दल अब साथ बैठे नजर आते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि चुनावी राजनीति में दलों का इस तरह एक साथ आना जनता के लिए आश्चर्यजनक है। उनके अनुसार, ऐसे गठबंधन की स्थिरता और परिणाम समय के साथ ही स्पष्ट होंगे।
–आईएएनएस
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