केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 9 जून को लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम का करेंगे शुभारंभ


नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की बॉर्डर और इंटरनल सिक्योरिटी को एक नई तेजी मिली। इस दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर आने वाला है, जब केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह 9 जून को नई दिल्ली में लैंड पोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (एलपीएमएस) का शुभारंभ करेंगे।

एक बयान में कहा गया कि एलपीएमएस एक स्टेट-ऑफ-द-आर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे लैंड पोर्ट्स पर ऑपरेशन्स को एक यूनिफाइड सिस्टम में इंटीग्रेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। यह लॉजिस्टिक्स और रेगुलेटरी जानकारी के सुरक्षित, रियल-टाइम एक्सचेंज को मुमकिन बनाता है, जिससे लैंड पोर्ट्स एयरपोर्ट्स और सीपोर्ट्स पर चल रहे डिजिटल सिस्टम्स के बराबर आ जाते हैं।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस के जरिए क्रॉस-बॉर्डर ट्रेड और पैसेंजर मूवमेंट में एफिशिएंसी, ट्रांसपेरेंसी और सिक्योरिटी बढ़ाने के कमिटमेंट को दिखाती है।

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह दावकी (मेघालय) और श्रीमंतपुर (त्रिपुरा) लैंड पोर्ट्स पर नई डेवलप की गई स्टेकहोल्डर अकोमोडेशन फैसिलिटीज का भी उद्घाटन करेंगे, जिससे बॉर्डर सिक्योरिटी कर्मचारियों और दूसरे कीमती स्टेकहोल्डर्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट और मजबूत होगा।

एलपीएमएस का शुभारंभ मॉडर्न, टेक्नोलॉजी वाले स्मार्ट बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम की तरफ भारत के सफर में एक बड़ा कदम होगा, जो ट्रेड को आसान बनाने, कनेक्टिविटी और नेशनल सिक्योरिटी को मजबूत करने और ‘2047 तक विकसित भारत’ पर देश के स्ट्रेटेजिक फोकस को दिखाता है।

इसमें आगे कहा गया कि एक न्यूट्रल और ओपन प्लेटफॉर्म के तौर पर एलपीएमएस सरकारी एजेंसियों और प्राइवेट ऑपरेटरों सहित अलग-अलग स्टेकहोल्डर्स के बीच कोऑर्डिनेशन को आसान बनाएगा, जिससे देरी कम होगी और ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी।

इसमें कहा गया कि यह सिस्टम कार्गो और पैसेंजर प्रोसेसिंग के लिए एंड-टू-एंड डिजिटल वर्कफ्लो पेश करता है, जिसमें स्लॉट बुकिंग, पेमेंट, ट्रैकिंग और सिंगल-विंडो क्लियरेंस शामिल हैं।

इंडियन कस्टम्स इलेक्ट्रॉनिक डेटा इंटरचेंज गेटवे, यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान और मोटर व्हीकल इकोसिस्टम जैसे मुख्य नेशनल प्लेटफॉर्म के साथ पूरी तरह से इंटीग्रेटेड, एलपीएमएस इंटरऑपरेबल, एफिशिएंट और ट्रांसपेरेंट बॉर्डर मैनेजमेंट को मुमकिन बनाएगा।

बयान में कहा गया कि लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एलपीएआई) जो मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स के डिपार्टमेंट ऑफ बॉर्डर मैनेजमेंट के तहत एक कानूनी संस्था है। ट्रेड कनेक्टिविटी और रीजनल कोऑपरेशन को आसान बनाने के लिए लैंड पोर्ट्स को डेवलप और मैनेज करने के लिए जिम्मेदार है।

अभी, एलपीएआई भारत के इंटरनेशनल बॉर्डर पर 15 लैंड पोर्ट्स ऑपरेट करता है: भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर अटारी (पंजाब) और डेरा बाबा नानक (पंजाब); भारत-नेपाल बॉर्डर पर रुपैदिहा (उत्तर प्रदेश), रक्सौल (बिहार) और जोगबनी (बिहार); भारत-भूटान बॉर्डर पर दर्रांगा (असम); भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर पेट्रापोल (पश्चिम बंगाल), दावकी (मेघालय), सुतारकंडी, गोलकगंज और मनकाचर (असम), अगरतला, श्रीमंतपुर और सबरूम (त्रिपुरा); और भारत-म्यांमार बॉर्डर पर मोरेह (मणिपुर)।

–आईएएनएस

डीकेएम/डीकेपी


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