माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा: सीएम योगी


बलरामपुर, 5 जून (आईएएनएस)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकास की प्रक्रिया तब आगे बढ़ती है, जब जनता अच्छे लोगों को चुनती है। माफिया को चुनकर भेजोगे तो गरीबों का खून चूसेगा। हमने माफिया को तबाह किया, उसकी जमीनों पर गरीबों के लिए मकान बना रहे हैं। डबल इंजन की सरकार डबल स्पीड के साथ काम कर रही है। किसान, व्यापारी, महिला को सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। आज हर जनपद विकास की मुख्यधारा से जुड़ा है।

सीएम योगी ने बलरामपुर के मध्यनगर बिलोहा में शुक्रवार को 300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण व अन्य शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित भी किया गया। सीएम ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की छात्राओं को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। उन्होंने प्रगति के पथ पर अग्रसर बलरामपुर के विकास मॉडल पर जनता से सीधा संवाद भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से नौ वर्ष पूर्व बलरामपुर में जब भी दुर्गा पूजा होती थी, पचपेड़वा, गैसड़ी, बलरामपुर, उतरौला आदि जगहों पर दंगे होते थे। मुझे गोरखपुर से आकर लोगों की मदद करनी पड़ती थी। आज उत्तर प्रदेश के 75 जनपद, 350 तहसीलें और 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतें दंगामुक्त हैं। विकास की प्रक्रिया के साथ प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है। बलरामपुर के लोग 2017 से पहले कहीं जाते थे तो पहचान का संकट था। लोग माफिया से जोड़कर देखते थे। माफिया आज मिट्टी में मिल गए, कोई पहचान का संकट नहीं। आज बाहर जाएं और कहें कि आप यूपी से हैं तो आपको पूरा सम्मान मिलेगा।

उन्होंने कहा कि याद करिए 2017 के पहले गरीब को राशन नहीं मिलता था। सपा के गुंडे राशन खा जाते थे। अब हर गरीब को फ्री में राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। गांवों में आय, निवास प्रमाण पत्र की भी सुविधा दी जा रही है। गरीब के उपचार के लिए आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराया जा रहा है। एक ओर गरीब कल्याणकारी योजनाएं और दूसरी ओर विकास कार्य बढ़ाए गए। सभी सरकारी योजनाओं का लाभ बिना भेदभाव दिया जा रहा है। पीएम मोदी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसी ने बेटी या व्यापारी की सुरक्षा में सेंध लगाई तो फिर उसको छोड़ेंगे भी नहीं। यही सरकार की घोषित नीति है। प्रदेश के सुरक्षित माहौल में आज निवेश हो रहा है। बलरामपुर सौभाग्यशाली है कि चीनी मिल द्वारा प्लास्टिक जैसे एक मैटीरियल का निर्माण हो रहा है, जो उपयोग के बाद मिट्टी में मिल जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज यूपी की पहचान सबसे ज्यादा निवेश, रोजगार, देश के सबसे युवा राज्य के रूप में हो रही है। यूपी को अयोध्या, काशी, मां पाटेश्वरी, मां शाकम्भरी, नैमिषारण्य, श्रावस्ती, जैन तीर्थंकरों की भूमि के रूप में नई पहचान मिल रही है। यह सम्मान आपको इसलिए मिल रहा है, क्योंकि आपने अच्छे जनप्रतिनिधियों को चुनकर भेजा है। आपने कैलाशनाथ शुक्ला, राम प्रताप वर्मा, पलटूराम को जिताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज मैं गैसड़ी और तुलसीपुर विधानसभा के बॉर्डर पर आया हूं। मैं 2007 में तुलसीपुर आया था, तब मांग हो रही थी कि मथुरा घाट में राप्ती नदी पर पुल बने। जैसे ही आपने कैलाश नाथ शुक्ला को तुलसीपुर से विधायक बनाया, मथुरा घाट पर भी पुल की स्वीकृति मिल चुकी है। तुलसीपुर और बलरामपुर में विकास हो रहा है। गैसड़ी में शैलेंद्र सिंह शैलू विधायक होते तो तेजी से विकास लाते। अच्छे लोग चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। जब आप परिवारवाद से ऊपर उठे और सत्ता परिवर्तन किया तो सरकार ने गरीब को कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा। विकास, सुरक्षा व सुशासन दिया। विश्वविद्यालय दिया, गरीब बच्चों को स्कॉलरशिप दी।

सीएम योगी ने बलरामपुर की उपलब्धियों के साथ पर्यावरण संरक्षण पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस हमें प्रेरित करता है कि जल है तो कल है। अगर हम जलस्रोत गंदा करते हैं या वन की कटान करते हैं तो पर्यावरण की क्षति होती है। पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने की कीमत मानव को चुकानी होगी। आज तुलसीपुर को 300 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का सौभाग्य प्राप्त हो रहा है। नौ वर्ष पूर्व यह आकांक्षात्मक जनपद था। नीति आयोग के मानकों में देश के सबसे पिछड़े जनपदों में यह जिला था। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार ने डबल स्पीड से काम किया तो यह जनपद विकसित होने की ओर तेजी से बढ़ा है।

सीएम योगी ने कहा कि एक समय बलरामपुर में बिजली, सड़क, सरयू राष्ट्रीय परियोजना, मेडिकल कालेज या हर घर नल योजना साकार होने के बारे में कोई सोच नहीं सकता था। किसी ने थारू संग्रहालय या मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बनाने की बात नहीं सोची होगी। हमने मां पाटेश्वरी के नाम पर विश्वविद्यालय बनाया। अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर मेडिकल कालेज का निर्माण और नानाजी देशमुख की स्मृतियों को जीवंत बनाए रखते हुए थारू संग्रहालय बनाया। वनटांगिया गांवों के लोगों को आवासीय या जमीन के पट्टे देकर नागरिकता दी। आज थारू जनजाति के लोगों के पास अपना मकान और बच्चों के लिए स्कूल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष सर्वाधिक नामांकन बलरामपुर में हुए हैं। यह शुभ लक्षण है। सीमावर्ती जनपद होने के नाते, विकास की प्रक्रिया के साथ तेजी से बढ़ रहा बलरामपुर विकास का मॉडल बन रहा है। बलरामपुर में विकास परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण कुल परियोजनाएं: 126 लोकार्पण: 89 शिलान्यास: 37 कुल लागत: 392.25 करोड़ लोकार्पण की योजनाओं की लागत: 301.50 करोड़ शिलान्यास वाली योजनाओं की लागत: 90.75 करोड़।

–आईएएनएस

विकेटी/डीकेपी


Show More
Back to top button