देश में खाद्यान्न भंडार पर्याप्त, उर्वरकों और खाद्य तेल की उपलब्धता भी मजबूत: केंद्र

नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। केंद्र सरकार ने सोमवार को कहा कि देश में खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार है और नियमित आयात, घरेलू उत्पादन और मौजूदा भंडार के कारण खाद्य तेलों की उपलब्धता भी पर्याप्त बनी हुई है। साथ ही कहा कि उर्वरक सुरक्षा भी मजबूत और स्थिर बनी हुई है, और सभी प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता लगातार आवश्यकता से अधिक है।
उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय राजधानी में एक अंतर-मंत्रालय ब्रीफिंग के दौरान बताया कि 28 मई तक, केंद्रीय भंडार में गेहूं का स्टॉक 513 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) था, जबकि 1 जुलाई के लिए निर्धारित बफर मानक 275.80 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) था।
विभाग ने आगे कहा कि चालू रबी विपणन सीजन में गेहूं की खरीद लगभग 350 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक पहुंच चुकी है और खरीद प्रक्रिया 30 जून तक जारी रहेगी।
सरकार के मुताबिक, केंद्रीय भंडार में चावल का स्टॉक 1 जुलाई के लिए निर्धारित बफर मानक 135.40 लाख मीट्रिक टन के मुकाबले 397 लाख मीट्रिक टन था। लगभग 298 लाख मीट्रिक टन खरीदा हुआ धान अभी तक मिलिंग करके चावल के स्टॉक में शामिल नहीं किया गया है।
घरेलू स्तर पर खाद्य तेलों की उपलब्धता पर्याप्त बनी हुई है। प्रमुख आपूर्तिकर्ता देशों से आयात जारी है, जिनमें इंडोनेशिया और मलेशिया (पाम तेल), रूस और यूक्रेन (सूरजमुखी का तेल), और अर्जेंटीना और ब्राजील (सोयाबीन का तेल) शामिल हैं।
सरकार ने कहा कि वह हितधारकों के साथ नियमित रूप से परामर्श कर रही है और आपूर्ति एवं मूल्य रुझानों पर नजर रख रही है। देश में चीनी की उपलब्धता घरेलू खपत की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। भंडार और उत्पादन स्तर घरेलू बाजार में निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त हैं।
उर्वरक विभाग के अनुसार, संकट की स्थिति के बाद आयात और घरेलू उत्पादन के माध्यम से लगभग 132.43 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों की उपलब्धता में वृद्धि हुई है।
सरकार ने बताया, “भारत ने पहले ही एसओएच से लगभग 25 लाख मीट्रिक टन यूरिया, 15 लाख मीट्रिक टन डीएपी और 10 लाख मीट्रिक टन एनपीके (जिसमें एएस (अमोनियम सल्फेट) शामिल है) प्राप्त कर लिया है, जो जून-जुलाई में भारतीय बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। भारत ने 17 लाख मीट्रिक टन यूरिया की खरीद के लिए एक और वैश्विक निविदा जारी की है, जिस पर काम चल रहा है।”
चुनौतियों के बावजूद, भारत ने मई में लगभग 25.17 लाख मीट्रिक टन यूरिया का घरेलू उत्पादन हासिल किया, जो मई 2025 के उत्पादन से 2.80 लाख मीट्रिक टन अधिक है। भारत ने 26 मई को 3.86 लाख मीट्रिक टन डीएपी का घरेलू उत्पादन भी हासिल किया, जो मई 2025 के उत्पादन से 2,000 मीट्रिक टन अधिक है।
–आईएएनएस
एबीएस