मेरिट में बेटियों का दबदबा, बेटों को उनसे सीखने की जरूरत : सीएम योगी


लखनऊ, 1 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि प्रदेश की बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची इस बात का प्रमाण है कि छात्राएं मेहनत, अनुशासन और समर्पण के दम पर लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों की सफलता केवल परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति का भी आधार बनती है।

लोकभवन में आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने यूपी बोर्ड, संस्कृत शिक्षा परिषद, सीबीएसई और आईसीएसई के राज्य स्तरीय कुल 223 मेधावियों को एक-एक लाख रुपए, टैबलेट, मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान 11 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को भी सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने मेरिट सूची में छात्राओं की बढ़ती संख्या का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सम्मानित किए जा रहे 223 विद्यार्थियों में 138 छात्राएं और 85 छात्र हैं। हाईस्कूल की प्रदेश स्तरीय मेरिट सूची में 115 विद्यार्थियों में 81 छात्राएं और 34 छात्र शामिल हैं, जबकि इंटरमीडिएट की टॉप सूची में 14 छात्राएं और नौ छात्र हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि छात्राएं अधिक परिश्रम कर रही हैं और बेहतर परिणाम हासिल करने की क्षमता रखती हैं।

उन्होंने कहा कि पहले माना जाता था कि छात्राएं घर के कामकाज में माता-पिता का हाथ बंटाती हैं, लेकिन अब परिणाम देखकर लगता है कि लड़के शायद झाड़ू-पोछा और घरेलू कामों में ज्यादा व्यस्त हो गए हैं। हालांकि उन्होंने इसे प्रेरणा के रूप में लेते हुए कहा कि छात्रों को छात्राओं से सीख लेनी चाहिए कि परिवार की जिम्मेदारियों में सहयोग करते हुए भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कैसे किया जा सकता है।

सीएम योगी ने कहा कि बेटी पढ़ेगी तो आगे बढ़ेगी और देश-समाज को भी आगे बढ़ाएगी। प्रदेश के परीक्षा परिणामों ने इस संदेश को और मजबूत किया है।

उन्होंने कहा कि आज से नौ वर्ष पहले ऐसी पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा व्यवस्था की कल्पना भी कठिन थी। उस समय नकल और शिक्षा माफिया की चर्चा अधिक होती थी, जबकि आज उत्तर प्रदेश नकलविहीन, पारदर्शी और तकनीक आधारित परीक्षा प्रणाली के लिए जाना जाता है। परीक्षा विद्यार्थियों को डराने या हतोत्साहित करने का माध्यम नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने का साधन होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए हैं। अब परीक्षा में प्रॉक्सी अभ्यर्थियों और नकल माफिया के लिए कोई जगह नहीं है। शिक्षक नियुक्तियों से लेकर परीक्षा संचालन तक पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाया गया है, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है।

माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के बीच शीर्ष स्थान प्राप्त करना असाधारण उपलब्धि है। यह सम्मान केवल पुरस्कार नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की नई शुरुआत है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने और बार-बार लक्ष्य न बदलने की सलाह दी। गुलाब देवी ने अभिभावकों से भी बच्चों के साथ मित्रवत व्यवहार करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि हाईस्कूल की उम्र में बच्चों को मार्गदर्शन और संवाद की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। यदि माता-पिता बच्चों के मित्र बनकर उनका साथ दें तो वे किसी भी गलत दिशा में जाने से बच सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को समाज निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण आधार बताते हुए कहा कि शिक्षक का आचरण, व्यवहार और व्यक्तित्व विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव छोड़ता है।

–आईएएनएस

विकेटी/एसके


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