गृह मंत्री अमित शाह समेत कई मुख्यमंत्रियों और भाजपा नेताओं ने वीर सावरकर को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 28 मई (आईएएनएस)। विनायक दामोदर सावरकर की जयंती पर गुरुवार को देशभर के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके राष्ट्रसेवा, त्याग और साहस को याद किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर ने मातृभूमि की सेवा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर का जीवन व उनकी लेखनी देश और विचारधारा के प्रति अटूट समर्पण की सीख देती है। शाह ने कहा कि सामाजिक कुरीतियों, विशेषकर अस्पृश्यता के खिलाफ सावरकर का संघर्ष समाज को एकजुट करने वाला था।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सावरकर को ‘अखंड राष्ट्रनिष्ठा, अदम्य साहस और अप्रतिम त्याग का प्रतीक’ बताते हुए कहा कि मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए उनका संघर्ष और तेजस्वी चिंतन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वीर सावरकर केवल महान स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि ओजस्वी वक्ता, कवि और दार्शनिक भी थे। उन्होंने कहा कि सावरकर ने अनेक यातनाएं सहते हुए भारत की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि उनके नाम के स्मरण मात्र से राष्ट्रभक्ति और आत्मगौरव की भावना जागृत होती है। उन्होंने कहा कि सावरकर ने असहनीय यातनाएं झेलीं लेकिन स्वतंत्रता की लौ को बुझने नहीं दिया।
वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सावरकर का त्याग, संघर्ष और राष्ट्रहित के प्रति समर्पण देशवासियों को हमेशा राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सावरकर को स्वतंत्रता आंदोलन का अग्रिम सेनानी बताते हुए कहा कि कालापानी की कठोर सजा भी उनके संकल्प को कमजोर नहीं कर सकी।
उधर, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सावरकर का राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत जीवन और उनके विचार हमेशा देशसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अंग्रेजों की कठोर यातनाओं के बावजूद वीर सावरकर का स्वतंत्र भारत का संकल्प कभी कमजोर नहीं पड़ा। वहीं, उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि सावरकर की लेखनी में क्रांति की ज्वाला थी और उनके विचारों में राष्ट्र और हिंदुत्व के स्वाभिमान की स्पष्ट चेतना दिखाई देती थी।
उधर, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन कठिन जरूर था, लेकिन असाधारण था। उन्होंने कहा कि सावरकर ने औपनिवेशिक क्रूरता के सामने भी अपने विचारों से समझौता नहीं किया। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सावरकर को प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक बताते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्र प्रथम के संकल्प और अखंड भारत की चेतना को समर्पित था।
वहीं, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीर सावरकर को कवि, समाज सुधारक और महान देशभक्त बताते हुए उन्हें जयंती पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
–आईएएनएस
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