ऑस्ट्रेलिया में घटे बिजली के दाम, एक जुलाई से ज्यादातर घरों और छोटे कारोबारों को राहत


कैनबरा, 26 मई (आईएएनएस)। ऑस्ट्रेलिया के ऊर्जा नियामक ने कहा है कि एक जुलाई से ज्यादातर घरों और छोटे कारोबारों के लिए बिजली की कीमतें कम हो जाएंगी। यह कमी बिजली सेक्टर में लागत घटने की वजह से हो रही है।

ऑस्ट्रेलियन एनर्जी रेगुलेटर (एईआर) ने बताया कि 2026-27 के लिए उसका फाइनल डिफाल्ट मार्केट ऑफर (डीएमओ) तय हो गया है। इसके तहत न्यू साउथ वेल्स में घरेलू बिजली की कीमतें 3.4 प्रत‍िशत से पांच प्रत‍िशत तक कम होंगी। वहीं क्वींसलैंड में करीब 7.2 प्रत‍िशत की गिरावट देखने को मिलेगी। दूसरी तरफ साउथ ऑस्ट्रेलिया में थोड़ा बदलाव उल्टा होगा, जहां कीमतें लगभग 1.4 प्रत‍िशत बढ़ जाएंगी।

छोटे व्यवसायों के लिए तीनों इलाकों में बिजली सस्ती होगी। एईआर ने कहा कि डीएमओ एक तरह का सुरक्षा विकल्प और एक बेंचमार्क कीमत है, जो उन लोगों के लिए होती है जो स्टैंडर्ड बिजली प्लान पर हैं।

हालांकि नॉर्दर्न टेरिटरी, वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया, तस्मानिया और क्वींसलैंड के कुछ ग्रामीण इलाके अलग-अलग कीमत प्रणाली के तहत आते हैं, फिर भी डीएमओ पूरे देश में बिजली की कीमतों का एक अहम संकेतक माना जाता है।

क्लाइमेट चेंज और एनर्जी मंत्री क्रिस बोवेन ने कहा कि बिजली की कीमतों में यह गिरावट इस बात के साथ मेल खाती है कि ऑस्ट्रेलिया के मुख्य बिजली ग्रिड्स ने 2025 के आखिर में 50 प्रत‍िशत से ज्यादा बिजली नवीकरणीय ऊर्जा से बनानी शुरू कर दी है। इससे थोक बिजली की कीमतें नीचे आ रही हैं और इसका असर धीरे-धीरे बिलों पर भी दिखने लगा है।

उन्होंने कहा कि ज्यादा नवीकरणीय ऊर्जा और स्टोरेज सिस्टम के आने से कोयले पर निर्भरता कम हो रही है, जिससे बिजली सस्ती होने का दबाव बन रहा है।

शिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, एईआर की चेयर क्लेयर सैवेज ने कहा कि थोक बिजली लागत में कमी, कीमतों में कम उतार-चढ़ाव और पवन ऊर्जा व बैटरी जैसी रिन्यूएबल सोर्स से ज्यादा उत्पादन होने की वजह से यह गिरावट आई है।

उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष की अनिश्चितता के बावजूद थोक बिजली की कीमतें कम हुई हैं।

नियामक ने एक नया ‘सोलर शेयरर ऑफर’ भी घोषित किया है। इसके तहत बिजली कंपनियों को ऐसे प्लान देने होंगे, जिनमें स्मार्ट मीटर वाले ग्राहकों को दिन के समय, खासकर दोपहर में तीन घंटे तक मुफ्त बिजली मिलेगी, ताकि लोग ऑस्ट्रेलिया में उपलब्ध ज्यादा सोलर ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकें।

–आईएएनएस

एवाई/पीएम


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