बांग्लादेश में खसरे का कहर जारी, अब तक 555 बच्चों की मौत

ढाका, 26 मई (आईएएनएस)। बांग्लादेश में खसरे और इससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण बच्चों की मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार सुबह 8 बजे तक पिछले 24 घंटों में 10 और बच्चों की मौत दर्ज की गई, जिससे 15 मार्च 2026 से अब तक कुल मौतों की संख्या 555 हो गई है। स्थानीय मीडिया ने इसकी जानकारी दी।
ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशालय (डीजीएचएस) की ओर से इनमें से एक मौत की पुष्टि खसरे की वजह से की गई है, जबकि बाकी नौ मामलों को संदिग्ध माना गया है। ढाका डिवीजन में संदिग्ध मौतों की संख्या सबसे अधिक रही है।
डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में 1,083 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 66,023 तक पहुंच गई है। इसी अवधि में 53 नए पुष्टि किए गए मामले भी दर्ज हुए, जिसके बाद कुल पुष्टि मामलों की संख्या 8,772 हो गई है।
15 मार्च से अब तक 52,530 संदिग्ध मरीजों (बच्चों) को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिनमें से 48,800 ठीक होकर घर लौट चुके हैं।
बढ़ते संक्रमण को देखते हुए सरकार ने अप्रैल में देशव्यापी आपातकालीन खसरा-रूबेला टीकाकरण अभियान शुरू किया। इस अभियान के तहत 6 महीने से 5 साल तक के लगभग 18 मिलियन बच्चों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा डब्ल्यूएचओ, यूनीसेफ और टीका और प्रतिरक्षा के लिए गठित वैश्विक गठबंधन (जीएवीआई-गावी) के सहयोग से चलाया जा रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री सरदार मोहम्मद सखावत हुसैन ने कहा कि टीकाकरण अभियान के असर से आने वाले कुछ हफ्तों में स्थिति नियंत्रण में आने की उम्मीद है और मरीजों की संख्या में गिरावट आएगी।
हाल ही में यूनिसेफ ने दावा किया कि अंतरिम सरकार के दौर में उन्होंने बार-बार चेताया था कि अगर उचित कदम नहीं उठाए गए तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
प्रेस वार्ता में बांग्लादेश में यूनिसेफ की प्रतिनिधि राणा फ्लावर्स के मुताबिक संयुक्त राष्ट्र एजेंसी ने इस मुद्दे पर स्वास्थ्य मंत्रालय को पांच से छह पत्र भेजे थे और अंतरिम सरकार के कार्यकाल के दौरान 10 बैठकों में भी यह मामला उठाया गया था। 2024 से ही सरकार को आगाह किया गया कि वैक्सीन की कमी बड़े स्वास्थ्य संकट का कारण बन सकती है, लेकिन जरूरी कदम नहीं उठाए गए।
–आईएएनएस
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