पाकिस्तान: अहमदिया धार्मिक स्थल का अपमान, मानवाधिकार संगठन ने जताया विरोध

लंदन, 26 मई (आईएएनएस)। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक समुदाय को एक बार फिर निशाना बनाया गया है। अहमदिया समुदाय के धार्मिक स्थल का कथित अपमान करने के बाद प्रशासन की शय पर अहमदिया शख्स के साथ मारपीट की गई। एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन ने इसकी कड़ी निंदा की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि दबाव में आकर अहमदिया धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना देश में बढ़ती असहिष्णुता को दर्शाता है।
यूके स्थित इंटरनेशनल ह्युमन राइट्स कमिटी (आईएचआरसी) ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान में एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है, जहां कट्टरपंथी समूहों और स्थानीय दबाव के कारण अहमदिया समुदाय के धार्मिक स्थलों को बार-बार निशाना बनाया जाता है।
संगठन ने चिंता जताते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि पाकिस्तानी अधिकारी अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा करने के बजाय भीड़ के दबाव में काम कर रहे हैं।
आईएचआरसी के अनुसार, “किसी धार्मिक स्थल को नष्ट करना या उसमें बदलाव करना धार्मिक स्वतंत्रता का गंभीर उल्लंघन है और इससे अहमदिया समुदाय में डर और असुरक्षा का माहौल बनता है, जो पहले से ही भेदभाव का सामना कर रहा है।”
रिपोर्ट में कहा गया कि 14 मई को करुंडी क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसमें प्रदर्शनकारियों ने सड़क जाम कर दी और जमालपुर स्थित अहमदिया धार्मिक स्थल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने वहां मीनारों को गिराने और प्रार्थना स्थल को बंद करने की मांग की।
इसके बाद स्थानीय अधिकारियों ने कथित तौर पर स्थल पर पहुंचकर मीनारें गिरा दीं और प्रार्थना स्थल को ईंटों से बंद कर दिया। साथ ही, करुंडी में एक अहमदिया व्यक्ति पर हमले की भी जानकारी दी गई है।
आईएचआरसी ने कहा कि यह घटना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है और धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों पर सीधा हमला है।
संगठन ने पाकिस्तान सरकार और सिंध प्रशासन से इस मामले की “निष्पक्ष जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।”
इसके साथ ही आईएचआरसी ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संयुक्त राष्ट्र से भी इस घटना की निंदा करने और पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ हो रहे अत्याचारों पर ध्यान देने की अपील की है।
–आईएएनएस
केआर/