गुजरात: बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 130 मीटर लंबा स्टील पुल बनकर तैयार

अहमदाबाद/भरूच, 20 मई (आईएएनएस)। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के अंतर्गत गुजरात के भरूच जिले में भारतीय रेलवे के माल ढुलाई गलियारे पर बने 130 मीटर लंबे स्टील पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि योजनाबद्ध 330 मीटर लंबे स्टील पुल के ढांचे में से 230 मीटर का निर्माण हो चुका है।
बुधवार को जारी एक बयान के अनुसार, यह पुल ट्रालसी गांव के पास बनाया जा रहा है और पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे के सूरत और वडोदरा खंडों के बीच डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीएफसीसीआईएल) की पटरी को पार करता है।
परियोजना अधिकारियों ने बताया कि यह पुल तीन स्पैन वाला स्टील ढांचा है, जिसमें 100+130 मीटर का एक निरंतर स्पैन और 100 मीटर का एक साधारण रूप से समर्थित स्पैन शामिल है। 130 मीटर लंबे निरंतर स्पैन के प्रक्षेपण का कार्य 16 मई को पूरा हो गया।
नया प्रक्षेपणित स्पैन लगभग 18 मीटर ऊंचा और 15.5 मीटर चौड़ा है, जिसका वजन लगभग 2,900 मीट्रिक टन है।
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 1,500 मीट्रिक टन वजनी 100 मीटर लंबा साधारण रूप से समर्थित स्पैन मार्च में ही निर्माण स्थल पर स्थापित कर दिया गया था।
शेष 100 मीटर का निरंतर भाग, जिसका वजन लगभग 1,600 मीट्रिक टन है, भी मौजूदा स्थान पर ही स्थापित किया जाएगा। तीनों खंड पूरे होने के बाद, पुल की पूरी संरचना का वजन लगभग 6,100 मीट्रिक टन होगा।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, स्टील पुल के पुर्जे उमरगम स्थित कार्बन फैक्ट्री कार्यशाला में निर्मित किए गए थे और इन्हें 100 वर्षों के परिचालन जीवनकाल के लिए डिजाइन किया गया है।
130 मीटर के भाग को जमीन से लगभग 14 मीटर की ऊंचाई पर एक अस्थायी तिपाई पर इकट्ठा किया गया था, जिसके बाद इसे दो अर्ध-स्वचालित जैक द्वारा समर्थित एक स्वचालित प्रक्षेपण प्रणाली का उपयोग करके आगे बढ़ाया गया।
प्रत्येक जैक में मैक-अलॉय बार के माध्यम से 250 टन तक धकेलने की क्षमता थी।
अधिकारियों ने बताया कि इस भाग के निर्माण में लगभग 1,21,373 टॉर-शियर टाइप हाई स्ट्रेंथ (टीटीएचएस) बोल्ट, धातु के बियरिंग और सी5 सिस्टम सुरक्षात्मक पेंटिंग का उपयोग किया गया था।
–आईएएनएस
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