मातृ और बाल स्वास्थ्य एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए भारत पूरी तरह प्रतिबद्ध : स्वास्थ्य मंत्री नड्डा

नई दिल्ली, 20 मई (आईएएनएस)। बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने बुधवार को महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य से जुड़े वैश्विक एजेंडा को आगे बढ़ाने के लिए भारत की मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने बताया कि स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 79वीं विश्व स्वास्थ्य सभा के दौरान पार्टनरशिप फॉर मैटरनल, न्यूबॉर्न एंड चाइल्ड हेल्थ (पीएमएनसीएच) की बोर्ड चेयर हेलेन क्लार्क के साथ द्विपक्षीय बैठक में जेपी नड्डा ने कहा कि भारत 2005 में पीएमएनसीएच की स्थापना के समय से ही उससे जुड़ा हुआ है।
मंत्री ने आगे कहा कि भारत इस साझेदारी को आगे भी जारी रखने और इसके उद्देश्यों में सार्थक योगदान देने पर गर्व महसूस करता है।
इसके अलावा, नड्डा ने पीएमएनसीएच में भारत की सक्रिय नेतृत्वकारी भूमिका का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारत बोर्ड का उपाध्यक्ष और स्थायी समिति का अध्यक्ष है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि भारत की ओर से हर वर्ष 20 लाख डॉलर की स्थायी अनुदान राशि देने की प्रक्रिया जारी है।
उन्होंने सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत नवाचार और बड़े स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने का केंद्र रहा है। भारत ने समानता और पहुंच को ध्यान में रखते हुए महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य को अपनी सेवा प्रणाली और सतत विकास प्रयासों के केंद्र में रखा है।
उन्होंने कहा कि भारत उन शुरुआती देशों में शामिल था जिसने 2014 में किशोरों के लिए विशेष राष्ट्रीय कार्यक्रम शुरू किया। इसके तहत स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों और सामुदायिक स्तर पर देश भर के युवाओं तक पहुंच बनाई गई।
मुख्य स्वास्थ्य संकेतकों में सुधार का जिक्र करते हुए नड्डा ने कहा कि भारत ने मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) और शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है, और यह सुधार वैश्विक औसत से भी तेज गति से हुआ है।
मंत्री ने कहा कि भारत के पास प्रमाण-आधारित सर्वोत्तम स्वास्थ्य मॉडल और बड़े स्तर पर लागू सफल सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रम हैं, जिन्हें दुनिया के अन्य देशों के साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने अन्य देशों को तकनीकी मार्गदर्शन और सहयोग देने की भी इच्छा जताई।
उन्होंने पीएमएनसीएच को भारत के सफल मॉडल और नवाचारों को भौतिक और डिजिटल मंचों के जरिए दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का निमंत्रण दिया।
पीएमएनसीएच के उपाध्यक्ष के रूप में भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए नड्डा ने कहा कि भारत महिलाओं, बच्चों और किशोरों के स्वास्थ्य तथा बढ़ते गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) जैसे मुद्दों पर संगठन का सहयोग करने के लिए तैयार है। उन्होंने वैश्विक स्तर पर साझा किए जा सकने वाले तकनीकी संसाधनों और डिजिटल सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के बढ़ते भंडार के लिए भारत की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।
वहीं, हेलेन क्लार्क ने वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत के निरंतर नेतृत्व और योगदान की सराहना की। उन्होंने पीएमएनसीएच और वैश्विक स्वास्थ्य व्यवस्था में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका को भी स्वीकार किया।
–आईएएनएस
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