ब्रिक्स बैठक में ईरान ने यूएई पर सैन्य आक्रामकता में भूमिका निभाने का लगाया आरोप

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। ईरान के उप-विदेश मंत्री ने गुरुवार को कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान के खिलाफ ‘आक्रामकता’ में अहम भूमिका निभाई है। यह बयान उन्होंने नई दिल्ली में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक के दूसरे सत्र के दौरान दिया।
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा, “संयुक्त अरब अमीरात ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के खिलाफ सैन्य आक्रामकता को समर्थन देने और उसे आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए जो पक्ष खुद तनाव पैदा करने और उसे बढ़ाने में शामिल रहा हो, उसे ईरान पर राजनीतिक आरोप लगाने का कोई अधिकार नहीं है।”
भारत में ईरानी दूतावास के अनुसार, उप-मंत्री ने ये बातें संयुक्त अरब अमीरात के विदेश राज्य मंत्री की ओर से लगाए गए ‘बेबुनियाद’ आरोपों के जवाब में कही थीं। यूएई मंत्री ने ईरान पर संयुक्त अरब अमीरात पर हमला करने का आरोप लगाया था और ईरान को आक्रामक बताया था।
गरीबाबादी ने कहा, ”जब कोई देश आक्रमण करने वालों को सुविधाएं और मदद देता है, तो यह सिर्फ मदद नहीं होती, बल्कि खुद एक तरह की आक्रामकता होती है। इसलिए संयुक्त अरब अमीरात सिर्फ सहयोगी नहीं, बल्कि खुद एक आक्रामक पक्ष है।”
गरीबाबादी ने 1974 के यूनाइटेड नेशंस जनरल असेंबली रेजोल्यूशन का हवाला देते हुए कहा कि हर वह लड़ाकू विमान जो संयुक्त अरब अमीरात से उड़ा है, उसका पूरा रिकॉर्ड मौजूद है। समय, तारीख और उड़ान का रास्ता तक दर्ज है।
एम्बेसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि ईरान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को 120 ऑफिशियल डिप्लोमैटिक नोटिस दिए थे, और उनमें सभी सबूत शामिल किए गए थे।
उन्होंने कहा कि ईरान अब और सहन नहीं कर सकता, क्योंकि उसके नागरिकों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है, खासकर ‘एक पड़ोसी देश यानी संयुक्त अरब अमीरात की भागीदारी और सहयोग’ के साथ।
उन्होंने यह भी कहा कि हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था, इसलिए हमें संयुक्त अरब अमीरात में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों या उन सुविधाओं और संस्थानों को निशाना बनाना पड़ा जहां अमेरिका की भूमिका या भागीदारी थी।
उन्होंने कहा कि ईरान की यह कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र चार्टर के पूरी तरह अनुरूप है और यह आत्मरक्षा के अधिकार के तहत आती है।
–आईएएनएस
एवाई/डीकेपी