अंडर-17 विमेंस एशियन कप: क्वार्टरफाइनल में हार के साथ भारत का सफर समाप्त, वर्ल्ड कप की उम्मीदों पर पानी फिरा


सूजौ (चीन), 11 मई (आईएएनएस)। एएफसी अंडर-17 विमेंस एशियन कप 2026 के क्वार्टरफाइनल में भारत को चीन के खिलाफ 0-3 से हार का सामना करना पड़ा। सोमवार को मिली इस शिकस्त के बाद भारत का सफर समाप्त हो गया है। इस मुकाबले के नतीजे ने ‘यंग टाइग्रेस’ की फीफा अंडर-17 विमेंस वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऐतिहासिक क्वालिफिकेशन हासिल करने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

सूजौ स्पोर्ट्स सेंटर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में घरेलू दर्शकों के समर्थन से उत्साहित चीन ने आक्रामक शुरुआत करते हुए तुरंत ही तेज पासिंग कॉम्बिनेशन और फाइनल थर्ड में मूवमेंट के जरिए मैच पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश की। हालांकि, भारत ने शुरुआती चरणों में मजबूती से बचाव किया। चौथे मिनट में अभिस्ता बसनेत ने एक अहम ब्लॉक करके ली याकी को नजदीकी रेंज से गोल करने से रोक दिया।

मुकाबले के 15वें मिनट चीन के पास गोल करने का शानदार मौका था। लियू युक्सी ने वांग चेनक्सी को एक सटीक पास देकर भारतीय डिफेंस को भेदा। वांग ने बाईं ओर से अंदर की ओर कट किया और फिर क्रॉसबार पर जोरदार शॉट लगाया।

चीन का दबाव आखिरकार 38वें मिनट में एक बेहतरीन टीम मूव के रूप में रंग लाया। मिडफील्ड के जरिए धैर्यपूर्वक खेल बनाते हुए, लियू युक्सी ने बॉक्स के अंदर गेंद हासिल की और फिर समझदारी से गेंद को पीछे की ओर हुआंग किनयी के लिए पास किया। हुआंग ने नजदीकी रेंज से शांत भाव से गोल करके मेजबान टीम को बढ़त दिलाई।

इस गोल ने मैच का रुख पूरी तरह से चीन के पक्ष में मोड़ दिया। पहले हाफ के आखिरी चरणों में भारत अपनी ही हाफ में काफी पीछे धकेल दिया गया। ठीक उसी समय जब ‘यंग टाइग्रेस’ हाफ-टाइम में फिर से एकजुट होने की उम्मीद कर रही थीं, चीन ने स्टॉपेज टाइम में एक और गोल दागा। ऋतु बड़ाईक ने पेनाल्टी एरिया के अंदर लियू को गिरा दिया, और रेफरी ने तुरंत पेनाल्टी स्पॉट की ओर इशारा किया। लियू ने पूरे आत्मविश्वास के साथ कदम बढ़ाया और अपने दाहिने पैर से जमीन से सटा हुआ शॉट मारकर पेनाल्टी को गोल में बदला। इसी के साथ चीन ने 2-0 से बढ़त हासिल कर ली थी।

दो गोल से पिछड़ रही भारतीय टीम ने खेल दोबारा शुरू होने के बाद ज्यादा आक्रामकता दिखाई, लेकिन चीन की मजबूत डिफेंसिव रणनीति ने उन्हें कोई भी मौका नहीं दिया। ‘यंग टाइग्रेस’ को विरोधी टीम के डिफेंस को भेदने में मुश्किल हुई।

मेजबान टीम ने निर्धारित समय के आखिरी मिनट में जीत सुनिश्चित की। वू यिचेन ने बाईं ओर से एक क्रॉस दिया। बॉक्स के अंदर एक ढीले क्लीयरेंस के बाद, चेंग वांडी का शॉट उछलकर ली किक्सियन के पास जा गिरा। ली ने सबसे तेजी से प्रतिक्रिया देते हुए गेंद को गोल में डाला, जिसके साथ चीन ने 3-0 से मुकाबला अपने ने नाम किया।

यह अभियान इस प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन रहा, जिसमें ‘यंग टाइग्रेस’ पहली बार नॉकआउट चरण में पहुंची।

–आईएएनएस

आरएसजी


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