मार्केट आउटलुक: तिमाही नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चा तेल निर्धारित करेगा शेयर बाजार का रुझान


मुंबई, 10 मई (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला हफ्ता काफी अहम होने वाला है। तिमाही नतीजे, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की कीमतें शेयर बाजार का रुझान तय करेंगी।

11-15 मई के कारोबारी सत्र में एबॉट इंडिया, अनंतराज, केनरा बैंक, डीबी कॉर्प, जीआर इन्फ्रा, इंडियन होटल, जेएसडब्ल्यू एनर्जी, यूपीएल, डिक्सन, एमटीएआर टेक, टाटा पावर, एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस और पीएफसी समेत 400 से ज्यादा कंपनियां वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी।

किसी भी देश की अर्थव्यवस्था के लिए कॉरपोरेट आय काफी महत्वपूर्ण होती है और यह बाजार के ट्रेंड, मार्जिन दबाव और आर्थिक गतिविधियों को दिखाती है।

अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। रिपोर्ट्स में बताया गया कि अगले हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में बातचीत हो सकती है। हालांकि, दोनों देशों के बीच तनाव लगातार बना हुआ है, जिससे कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से अधिक बनी हुई है।

इसके अतिरिक्त, सरकार 12 मई को खुदरा महंगाई और 14 मई को थोक महंगाई के आंकड़े जारी करेंगी। इसके अलावा 15 मई को आयात-निर्यात और यात्री वाहनों से जुड़ा डेटा आएगा, जिसका घरेलू बाजार पर सीधा असर हो सकता है।

भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ने के कारण बैंकिंग और वित्तीय क्षेत्र के शेयरों में भारी गिरावट के चलते शुक्रवार को बेंचमार्क सूचकांकों में लगातार दूसरे सत्र में गिरावट जारी रही।

सेंसेक्स 516 अंक या 0.66 प्रतिशत गिरकर 77,328.19 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 151 अंक या 0.62 प्रतिशत गिरकर 24,176.15 पर बंद हुआ।

निफ्टी के तकनीकी विश्लेषण पर टिप्पणी करते हुए विशेषज्ञों ने कहा कि ऊपर की ओर रुकावट का स्तर 24,500 और 24,600 पर हैं।

एक विश्लेषक ने कहा, “नीचे की ओर सपोर्ट 24,000 और 23,800 पर हैं। 23,800 से नीचे गिरने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है।”

बैंक निफ्टी के तकनीकी विश्लेषण पर टिप्पणी करते हुए विश्लेषकों ने कहा कि निकट भविष्य में, यदि बिकवाली का दबाव फिर से उभरता है, तो 54,600-54,200 के स्तर पर तत्काल नीचे की ओर सपोर्ट मौजूद है।

एक विश्लेषक ने आगे कहा, “ऊपर की ओर, 56,400 का स्तर रुकावट का काम करता है, जबकि 56,800 अगला महत्वपूर्ण आपूर्ति क्षेत्र है।”

एक बाजार विशेषज्ञ ने कहा, “मौजूदा बाजार संरचना को देखते हुए, व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे अनुशासन बनाए रखें और अस्थिरता के बीच सख्त स्टॉप-लॉस रणनीतियों का पालन करें।”

–आईएएनएस

एबीएस/


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