होटलों की लापरवाही या सिस्टम फेल? मसूरी में सीवरेज संकट गहराया

मसूरी, 8 मई (आईएएनएस)। उत्तराखण्ड के मसूरी में सीवरेज की समस्या लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाली मसूरी में अब खुले नालों में बहता सीवरेज स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। ताजा मामला मसूरी जेपी बेंड क्षेत्र के समीप का है, जहां कुछ होटल संचालकों द्वारा कथित रूप से अपना सीवरेज सीधे खुले नालों में छोड़ा जा रहा है। यह गंदा पानी मुख्य सड़क से बहते हुए धोबी घाट स्थित जल स्रोत तक पहुंच रहा है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि होटल संचालकों की लापरवाही और संबंधित विभागों की अनदेखी के कारण क्षेत्र में गंदगी और बदबू का बुरा हाल है। सड़क किनारे बहते गंदे पानी से राहगीरों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि तेज बहाव के दौरान गंदे पानी की छींटें पैदल चलने वालों के कपड़ों तक पर पड़ रही हैं, जिससे उन्हें रोजाना परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं।
क्षेत्रवासियों ने बताया कि यह सीवरेज युक्त पानी बहते हुए सीधे धोबी घाट के मुख्य जल स्रोत तक पहुंच रहा है। इसी स्रोत से मसूरी गढ़वाल जल संस्थान द्वारा मसूरी के कई इलाकों में पेयजल आपूर्ति की जाती है। ऐसे में लोगों ने दूषित पानी सप्लाई होने की आशंका जताते हुए स्वास्थ्य संबंधी खतरे की चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन और जल संस्थान से मांग की है कि खुले नालों में सीवरेज छोड़ने वाले होटल संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त और बहते सीवरेज सिस्टम को तत्काल दुरुस्त कराया जाए ताकि लोगों को राहत मिल सके।
इस मामले में गढ़वाल जल संस्थान मसूरी के अधिशासी अभियंता अमित कुमार ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में नहीं था लेकिन अब उन्होंने पूरे प्रकरण का संज्ञान ले लिया है। उन्होंने बताया कि वह स्वयं अपने इंजीनियरों और कर्मचारियों के साथ मौके का निरीक्षण करेंगे और जल्द ही बहते सीवरेज को बंद कराने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों द्वारा खुले नालों में सीवरेज छोड़ा जा रहा है, उनके खिलाफ नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित लोगों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है।
–आईएएनएस
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