टीएमसी सांसद डोला सेन ने चुनाव आयोग पर हार का ठीकरा फोड़ा


कोलकाता, 6 मई (आईएएनएस)। टीएमसी सांसद डोला सेन ने पश्चिम बंगाल में हार का ठीकरा चुनाव आयोग पर फोड़ा और कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं, सांसद सौगत रॉय ने टीएमसी की हार के लिए स्थानीय मुद्दों और आई-पैक रणनीति का हवाला दिया।

टीएमसी की हार को लेकर सांसद डोला सेन ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, “हम पूरी तरह पारदर्शिता में विश्वास करते हैं। अगर यह वास्तव में जनता का स्पष्ट जनादेश होता तो हम इसे स्वीकार करते, लेकिन मतगणना के दिन जनादेश का कुप्रबंधन किया गया, लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सीमाओं से परे धकेला गया और कई अवैध कार्रवाइयां की गईं। यह सब जानबूझकर किया गया था। यहां तक कि ज्ञानेश कुमार की टीम के साथ मिलकर लोगों में भय पैदा करने की कोशिश की गई। जो कुछ हुआ, वह उचित नहीं है।”

उन्होंने आगे कहा, “चुनाव के दौरान एसआईआर के माध्यम से 92 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए। अगर इतना ही जरूरी था तो एसआईआर को जून 2024 से क्यों नहीं शुरू किया गया? 92 लाख सही मतदाताओं के नाम काटे गए। अगर ये लोग घुसपैठिए होते तो चुनाव आयोग और अमित शाह को सूची जारी करनी थी, लेकिन अभी भी इनके नामों की सूची जारी नहीं की गई। इसका अर्थ है कि जानबूझकर मतदाताओं के नाम काटे गए।”

डोला सेन ने कहा, “भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए बंगाल में भय का माहौल बनाया। चुनाव के दौरान ढाई लाख सेट्रल फोर्स को लगाया। इसके बावजूद जनता ने दीदी को वोट दिया, लेकिन मतगणना के दिन वोटों की गिनती बहुत देरी से शुरू की गई। लगभग 100 जगह, जहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार लीड कर रहे थे, उनका डाटा चुनाव आयोग वेबसाइट पर अपलोड नहीं कर रहा था। गड़बड़ी कर चुनाव भाजपा को जिताया गया है।”

वहीं, टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने कहा, “मुझे आई-पैक के बारे में कुछ नहीं पता। मैं इस बारे में कुछ कह भी नहीं सकता, क्योंकि उन लोगों ने मुझसे बात नहीं की है और न ही मैंने उनसे। मैं बाहर से कैसे कुछ कह सकता हूं? मुझे यह भी नहीं पता कि क्या सुझाव दिए गए थे या क्या परिणाम निकले।”

उन्होंने आगे कहा, “भाजपा हिंदू ध्रुवीकरण करने और हिंदू वोटों को एकजुट करने में सफल रही, और इसी के दम पर उसने सफलता हासिल की।”

पश्चिम बंगाल में टीएमसी के भविष्य पर टीएमसी सांसद सौगता रॉय ने कहा, “2006 में तो परिणाम इससे भी बदतर थे। हमने उस दौर को पार किया और 2011 में सत्ता में आए। राजनीति इसी तरह चलती है। इसके बारे में चिंतित होने का कोई कारण नहीं है।”

–आईएएनएस

ओपी/डीकेपी


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