ममता बनर्जी के इस्तीफा नहीं देने पर यूपी के मंत्रियों का हमला, 'जनादेश का करें सम्मान और स्वीकारें हार'


लखनऊ, 6 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार की मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा चुनावी हार के बाद इस्तीफा देने से इनकार करने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्‍होंने कहा कि ममता बनर्जी को अपनी हार स्‍वीकार करने में कठिनाई हो रही है। जनादेश सत्‍ता परिवर्तन के पक्ष में आया है। उन्हें सच्चाई स्वीकार कर संवैधानिक नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिए।

उन्होंने आईएएनएस से बातचीत के दौरान कहा कि भारतीय राजनीति में लोकतंत्र का विशेष महत्व है और देश का लोकतंत्र संविधान के अनुसार संचालित होता है, इसलिए हर जनप्रतिनिधि को उसके प्रावधानों का पालन करना चाहिए। ममता बनर्जी फिलहाल राजनीतिक परिस्थितियों से विचलित हैं और उन्हें अपनी हार को स्वीकार करने में कठिनाई हो रही है, लेकिन जनता ने स्पष्ट रूप से अपना फैसला सुना दिया है।

उन्होंने कहा कि जनता का संदेश साफ है कि अब सत्ता परिवर्तन होना चाहिए और शासन किस प्रकार चलाया जाता है, यह देखने का समय आ गया है। ऐसे में मुख्यमंत्री को सच्चाई स्वीकार कर संवैधानिक नियमों और कानूनों का पालन करना चाहिए।

पश्चिम बंगाल में भाजपा कार्यकर्ता की हत्या के मुद्दे पर भी विजय लक्ष्मी गौतम ने चिंता जताई और आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में राज्य में अराजकता का माहौल रहा है।

उन्होंने कहा कि कई ग्राम पंचायतों में बांग्लादेशी घुसपैठियों और टीएमसी से जुड़े असामाजिक तत्वों का प्रभाव बढ़ा, जिससे आम जनता परेशान हो गई थी। उनके अनुसार यही कारण है कि राज्य की जनता ने इस बार भाजपा के पक्ष में मतदान किया और बदलाव का रास्ता चुना।

इसी मुद्दे पर उत्तर प्रदेश के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने भी ममता बनर्जी की आलोचना करते हुए कहा कि वह पश्चिम बंगाल की जनता द्वारा दिए गए जनादेश का अपमान कर रही हैं। एक जनप्रतिनिधि का कर्तव्य होता है कि वह जनता के फैसले को स्वीकार करे, लेकिन ममता बनर्जी का रवैया इसके विपरीत है। पिछले 15 वर्षों में राज्य के साथ सौतेला व्यवहार किया गया, जिसका परिणाम यह हुआ कि जनता ने उन्हें पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भाजपा पर भरोसा जताते हुए भारी मतों से जीत दिलाई है।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने भी ममता बनर्जी के इस्तीफा न देने के फैसले की आलोचना की और इसे जनादेश का अपमान बताया। जब भी विपक्षी दल चुनाव हारते हैं, तो ईवीएम और चुनाव आयोग पर सवाल उठाना एक पुरानी प्रवृत्ति बन गई है। राजभर ने कहा कि जनादेश का अनादर करना अब एक तरह का ‘फैशन’ बन गया है, जो संवैधानिक व्यवस्थाओं के खिलाफ है। लोकतंत्र की खूबसूरती ही यह है कि वह जनादेश के आधार पर चलता है, इसलिए पश्चिम बंगाल की जनता के फैसले का सम्मान किया जाना चाहिए।

–आईएएनएस

एएसएच/एबीएम


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