मध्य प्रदेश: अगले 24 घंटों में गरज, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने की संभावना

भोपाल, 5 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटों में कई जिलों में गरज, बिजली, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की आशंका के चलते मौसम में बदलाव आने की संभावना है।
सिवनी, बालाघाट, मंडला, कान्हा, दिंडोरी, अनूपपुर, अमरकंटक, दक्षिण उमरिया, दक्षिण शहडोल, पूर्वी ग्वालियर, आंध्र प्रदेश और भिंड में मध्यम गरज के साथ बिजली और ओलावृष्टि होने की संभावना है, साथ ही हवा की गति 60 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
मुरैना, पश्चिम ग्वालियर, दतिया, उत्तर उमरिया, उत्तर शहडोल, छतरपुर, दक्षिण सीधी और दक्षिण शहडोल में शाम के समय हल्की गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना है।
मंगलवार को जारी बुलेटिन के मुताबिक, भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, बड़वानी, धार, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, रीवा, सतना, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, पन्ना, सागर और अन्य जिलों के कुछ हिस्सों में 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।
इंदौर, शाजापुर, जबलपुर, मंडला, उमरिया, डिंडोरी, कटनी और दमोह सहित क्षेत्रों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का भी अनुमान है। खंडवा, खरगोन, दतिया, सिंगरौली, सीधी, शहडोल, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में ओलावृष्टि की संभावना है।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के बुलेटिन में बताया गया है कि ओलावृष्टि से खड़ी फसलों, फलों, सब्जियों और नाजुक इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को फसलों को ढकने या जहां संभव हो, समय से पहले कटाई करने जैसे सुरक्षात्मक उपाय करने की सलाह दी गई है। पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और वाहनों को भी ढककर रखें ताकि उन्हें नुकसान न पहुंचे। नागरिकों से आग्रह किया जाता है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, बिजली के उपकरणों को अनप्लग कर दें और पेड़ों के नीचे या बिजली की तारों के पास शरण लेने से बचें।
मौसम विज्ञान संबंधी स्थिति के अनुसार, कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में मौजूद है, जिसके निम्न दबाव क्षेत्र हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश तक फैले हुए हैं। इन प्रणालियों के कारण 9 मई तक राज्य भर में तूफानी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है।
पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 10 मई से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के आने की संभावना है, जिससे उत्तरी भारत के मौसम पर भी असर पड़ सकता है।
–आईएएनएस
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