सपा नेताओं ने यूपी विधानसभा के विशेष सत्र को बताया राजनीतिक सत्र, कहा-लाभ के लिए बुलाया गया निजी सत्र


लखनऊ, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। लखनऊ में गुरुवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा का एक विशेष एक-दिवसीय सत्र आयोजित किया जा रहा है, जिसमें 131वें संविधान संशोधन विधेयक की हार के संबंध में निंदा प्रस्ताव पर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह सत्र राजनीतिक लाभ के लिए बुलाया गया है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “इस प्रस्ताव पर चर्चा होगी और हम भी अपने विचार रखेंगे। समाजवादी पार्टी कुछ प्रस्ताव लाएगी, जिन पर हम विस्तार से चर्चा करेंगे और सरकार की कमियों को उजागर करेंगे। हम महिला-विरोधी नहीं हैं, बल्कि ये लोग महिला-विरोधी हैं।”

समाजवादी पार्टी के नेता शिवपाल सिंह यादव ने कहा, “ऊपर से संदेश आ गया होगा। एक दिन का सत्र बुला लिया गया है। सरकार का केवल एक एजेंडा है कि ये लोग महिलाओं को अपने पक्ष में दिखाएं। यह संसार का सबसे बड़ा झूठ है। ये लोग अपनी राजनीति में फायदा और नुकसान देखते हैं। महिला आरक्षण बिल 2023 में लागू हो गया था तो उसे लागू करना चाहिए। उन्हें यहां इसका प्रस्ताव पास करना चाहिए और हम इसका समर्थन करेंगे। हम लोगों ने हमेशा महिलाओं को आगे बढ़ाने का काम किया है।”

सपा विधायक संग्राम सिंह ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी की सरकार विशेष सत्र तभी बुलाती है, जब वह देश और प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात करना चाहती हो, या फिर उन्हें धोखा देना चाहती हो। ऐसे मामलों में ही वह विशेष सत्र बुलाती है।”

सपा विधायक राकेश कुमार वर्मा ने कहा, “महिला आरक्षण बिल 21 सितंबर 2023 को राज्यसभा से पास हो गया था और इसे राष्ट्रपति की मंजूरी भी मिल गई है। सरकार ने इसे अधिसूचित भी कर दिया है। इसके अनुसार, सरकार को महिला आरक्षण लागू करना चाहिए, और हम इसकी मांग करते हैं। हालाँकि, जब इस बिल को परिसीमन से जुड़ी प्रक्रिया के ज़रिए लाया जा रहा था, तब हमने इसका विरोध किया था और आज भी हम इसका विरोध करते हैं।”

सपा विधायक समरपाल सिंह ने कहा, “हम महिला आरक्षण का विरोध नहीं कर रहे हैं; हम इसके पक्ष में हैं। हम महिलाओं को उनके अधिकार देना चाहते हैं। संसद में अधिसूचना जारी हो चुकी है और राष्ट्रपति ने इस पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं। यह अब एक कानून बन गया है। हमारा कहना है कि महिलाओं को आरक्षण संसद की मौजूदा सदस्य संख्या के भीतर ही दिया जाना चाहिए। वे ऐसा नहीं करना चाहते। उनकी नीयत खराब है।”

समाजवादी पार्टी के नेता जाहिद बेग ने कहा, “आज इन्होंने विधानसभा बुलाई है। जिस विधेयक को संसद ने गिरा दिया हो, उसके लिए ये लोग विधानसभा बुला रहे हैं। इसके लिए विधानसभा बुलाने का औचित्य नहीं था। भाजपा के लोग जनता और महिलाओं को गुमराह कर रहे हैं ताकि इसे लागू न किया जाए। अखिलेश यादव की मांग है कि पिछड़ों को भी आरक्षण दिया जाना चाहिए। भाजपा ने उत्तर और दक्षिण में विवाद पैदा करने के लिए यह सब किया है।”

समाजवादी पार्टी नेता रविदास मेहरोत्रा ने कहा, “आज विधानसभा का एक दिवसीय सत्र बुलाया गया है, इसमें महिला आरक्षण पर चर्चा होनी है। समाजवादी पार्टी का कहना है कि हम चाहते हैं कि महिलाओं को आरक्षण मिले, लेकिन इसमें दलित, पिछड़े वर्ग की महिलाओं और अल्पसंख्यक महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए। हम सामाजिक न्याय के पक्षधर हैं, यह आरक्षण बिल सामाजिक न्याय के खिलाफ है।”

–आईएएनएस

एसएके/पीएम


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