दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग का लक्ष्य खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त करना और पहचान दिलाना है


नई दिल्ली, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग (डीपीवीएल) की घोषणा इस साल जनवरी में शहर में वॉलीबॉल टैलेंट के लिए एक व्यस्थापित, पेशेवर और स्थिर प्लेटफॉर्म बनाने के विजन के साथ की गई थी। लीग को दिल्ली वॉलीबॉल एसोसिएशन और दिल्ली ओलंपिक एसोसिएशन का सपोर्ट है। लीग का लक्ष्य खिलाड़ियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना और उन्हें पहचान देना है।

पूर्व वॉलीबॉल खिलाड़ी नीति रावत और जसोदा गुलिया डीपीवीएल की तैयारियों में पूरी तरह से जुटी हुई हैं, जो भारत की पहली महिलाओं द्वारा चलाई जाने वाली प्रोफेशनल वॉलीबॉल लीग भी है, जिसे एथलीटों ने, एथलीटों के लिए बनाया है। दोनों संस्थापक लीग में अपने फील्ड के अनुभव और पेशेवर विशेषज्ञता लेकर आए हैं।

नीति रावत, जो पहले वॉलीबॉल प्लेयर रह चुकी हैं, ने स्पोर्ट्स ब्रॉडकास्टिंग और मीडिया में बहुत अनुभव हासिल किया है। उन्हें कहानी कहने की कला, दर्शकों को जोड़ने और टेलीविजन के वाणिज्यिक पहलुओं की गहरी जानकारी है। स्पोर्ट्स कंटेंट को कैसे बनाया जाए, इस बारे में उनकी समझ से भारत में वॉलीबॉल की पहुंच बढ़ने की उम्मीद है।

जसोदा गुलिया का वित्त और रणनीतिक योजना का बैकग्राउंड बिजनेस मॉडल बनाने में एक मजबूत भूमिका निभा सकता है।

कोर्ट पर कई साल बिताने के बाद, नीति और जसोदा दोनों लीग के विजन में प्रमाणिकता और गहरी समझ लाती हैं।

नीति रावत ने कहा, “डीपीवीएल एक मूवमेंट है जो यह फिर से परिभाषित करता है कि भारत में वॉलीबॉल को कैसे देखा और अनुभव किया जाता है। खुद एथलीट के तौर पर इस सफर को जीने के बाद, हम सिर्फ इस खेल को ही नहीं समझते हैं—हम इसकी अनछुई क्षमता को भी समझते हैं। हम जानते हैं कि यह आज कहां खड़ा है, इसे कहां होना चाहिए, और हम मकसद और एक्शन के साथ उस कमी को पूरा करने के लिए पक्के इरादे वाले हैं।”

जसोदा गुलिया ने कहा, “यह लीग एक ऐसा भविष्य बनाने के बारे में है जहां खिलाड़ी सिर्फ पैशन के लिए नहीं खेलते, बल्कि उन्हें पेशेवर विकास, आर्थिक स्थिरता और पहचान मिलती है। हमारे लिए, यह सिर्फ एक खेल नहीं है, यह जीने का एक तरीका रहा है। हमने सिर्फ खेल नहीं खेला है, हमने इसे जिया है। इसीलिए हम हर छोटी-छोटी बात, हर चुनौती और एथलीटों को असल में क्या चाहिए, यह समझते हैं।”

डीपीवीएल एक ऐसे इकोसिस्टम की कल्पना करता है जिसमें खिलाड़ियों के लिए पेशेवर ट्रेनिंग का माहौल, प्रतियोगी एक्सपोजर और मीडिया, ब्रॉडकास्ट पार्टनरशिप के जरिए बेहतर दृश्यता शामिल है। लीग स्पोर्ट्स लीडरशिप में महिलाओं को मजबूत बनाने की भी कोशिश करती है।

दिल्ली प्रो वॉलीबॉल लीग में एक डायनामिक और प्रोफेशनल लीग फॉर्मेट होगा जिसमें छह फ्रेंचाइजी टीमें एक संगठित, उच्च क्षमता वाले माहौल में खेलेंगी। यह लीग भारत में वॉलीबॉल के स्तर को उठाने के लिए अहम होगी।

–आईएएनएस

पीएके


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