मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई, 9.29 करोड़ रुपए की 6 संपत्ति जब्त


मुंबई, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए 9.29 करोड़ रुपए मूल्य की छह अचल संपत्तियों को अपने कब्जे में ले लिया है। यह कार्रवाई 18 और 19 अप्रैल को की गई।

ये संपत्तियां महाराष्ट्र के खारघर (मुंबई) और पुणे में स्थित हैं और ये सुरेश कुटे, अर्चना कुटे और उनके सहयोगी संस्थाओं के नाम पर थीं। इससे पहले इन संपत्तियों को ईडी ने 24 सितंबर 2024 को अस्थायी रूप से जब्त किया था, जिसे 3 मार्च 2025 को प्रवर्तन निदेशालय की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने मंजूरी दी थी।

यह पूरा मामला महाराष्ट्र के विभिन्न पुलिस थानों में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर दर्ज हुआ है। इन एफआईआर में आरोप है कि सुरेश कुटे और अन्य लोगों ने ज्ञानराधा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसाइटी लिमिटेड के जरिए निवेशकों से धोखाधड़ी की।

सोसायटी द्वारा 12 प्रतिशत से 14 प्रतिशत तक रिटर्न देने वाली हाई-यील्ड जमा योजनाएं चलाई गई थीं, जिनके चलते बड़ी संख्या में निवेशकों ने पैसा लगाया, लेकिन बाद में उन्हें भुगतान नहीं किया गया या आंशिक भुगतान हुआ, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान हुआ।

ईडी की जांच में सामने आया है कि सोसायटी के लगभग 2,467 करोड़ रुपए के फंड को ‘लोन’ के नाम पर कुटे ग्रुप की कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। ये कंपनियां सुरेश कुटे और उनकी पत्नी अर्चना कुटे के नियंत्रण में थीं।

जांच के अनुसार ये फंड बिना किसी उचित दस्तावेज, सुरक्षा या उपयोग प्रमाण के जारी किए गए और इन्हें व्यवसाय के बजाय निजी लाभ या अन्य निवेशों में इस्तेमाल किया गया। इस मामले में ईडी अब तक कई तलाशी अभियान चला चुकी है और कई संपत्तियों को जब्त या फ्रीज कर चुकी है। अब तक कुल 1,627.86 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त या फ्रीज की जा चुकी है।

इससे पहले ईडी ने सुरेश कुटे को गिरफ्तार कर विशेष पीएमएलए अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया था। हाल ही में ईडी ने अर्चना कुटे को भी 2 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया था। उन्हें 7 मार्च को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया, जहां वह फिलहाल बंद हैं।

ईडी ने कहा है कि यह कार्रवाई संपत्तियों को बेचने, ट्रांसफर करने या नष्ट करने से रोकने के लिए की गई है। यह कदम पीएमएलए के प्रावधानों के तहत लिया गया है और आगे की जांच जारी है।

–आईएएनएस

एएमटी/डीकेपी


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