हैदराबाद पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध पर अंकुश लगाने के लिए बैंकिंग प्रणाली में बदलाव का सुझाव दिया


हैदराबाद, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। साइबर अपराध से निपटने के लिए हैदराबाद पुलिस आयुक्त वीसी सज्जनार ने बैंकिंग प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलावों का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि देश भर में सक्रिय संगठित गिरोहों को खत्म करने के लिए ऐसे सुधार अत्यावश्यक हैं।

मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर संजय मल्होत्रा ​​को लिखे एक विस्तृत पत्र में आयुक्त ने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे निर्दोष व्यक्तियों के नाम पर बनाए गए ‘म्यूल अकाउंट्स’ साइबर धोखाधड़ी का मुख्य केंद्र बन गए हैं।

आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में बताया गया कि शहर पुलिस द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ की हाई-प्रोफाइल जांच के दौरान ये खुलासे हुए, जिससे शाखा स्तर पर केवाईसी सत्यापन प्रक्रियाओं में गंभीर प्रणालीगत कमियां और घोर लापरवाही उजागर हुई।

आयुक्त ने आरबीआई से सभी वाणिज्यिक बैंकों को शाखा स्तर के अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने के लिए कड़े निर्देश जारी करने का आग्रह किया और केवाईसी दिशानिर्देशों के जमीनी स्तर पर कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए तत्काल प्रणालीगत ऑडिट की सिफारिश की।

इस पत्र में निजी बैंकों में इस प्रकार की अनियमितताओं की व्यापकता पर प्रकाश डालते हुए संरचनात्मक खामियों को दूर करने की आवश्यकता पर बल दिया गया और प्रस्ताव दिया गया कि साइबर अपराध में सहायता करने के आरोप में गिरफ्तार या अभियोगित किए गए किसी भी अधिकारी की सूचना आरबीआई को दी जाए ताकि उसे स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट किया जा सके।

वित्तीय अपराधों के विरुद्ध सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए आयुक्त ने आरबीआई, बैंकिंग संस्थानों और पुलिस के प्रतिनिधियों से युक्त एक संयुक्त कार्य समूह के गठन का प्रस्ताव रखा, जो नियमित रूप से अवैध खातों के मुद्दे की समीक्षा करे।

उन्होंने बैंकों द्वारा वास्तविक समय में संदिग्ध लेनदेन का पता लगाने के लिए उन्नत प्रौद्योगिकी अपनाने के महत्व पर भी बल दिया।

इन प्रणालीगत सिफारिशों के साथ-साथ, सज्जनार ने जनता को व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उच्च लाभ का वादा करने वाले धोखाधड़ी वाले विज्ञापनों से सावधान रहने की सलाह दी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी कानून प्रवर्तन एजेंसी वीडियो कॉल के माध्यम से पूछताछ नहीं करती है और न ही ‘डिजिटल अरेस्ट’ के बहाने पैसे की मांग करती है।

–आईएएनएस

एमएस/


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