भारत बनाम इंग्लैंड: 19 साल पहले हुए मैच में दिखा था टी20 का भविष्य, युवराज ने खेली थी कभी न भूलने वाली पारी


नई दिल्ली, 5 मार्च (आईएएनएस)। टी20 फॉर्मेट मौजूदा समय में क्रिकेट का सबसे रोमांचक फॉर्मेट है। इस फॉर्मेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। दक्षिण अफ्रीका में 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप आयोजित हुआ था और मौजूदा समय में भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन हो रहा है, जो विश्व कप का 10वां संस्करण है।

2007 से लेकर 2026 के बीच टी20 फॉर्मेट में असाधारण बदलाव आया है जिसने क्रिकेट के स्तर को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। मौजूदा समय में जिस तरह की टी20 क्रिकेट खेली जा रही है, उसकी नींव 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में ही रखी गई थी। भारत-इंग्लैंड के उस मैच ने दिखा दिया था कि टी20 का भविष्य कैसा होगा।

यह मैच 19 सितंबर 2007 को डरबन में खेला गया था। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 218 रन बनाए थे। भारत की तरफ से सलामी बल्लेबाजों गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने अर्धशतक लगाया था और पहले विकेट के लिए 14.4 ओवर में 136 रन की साझेदारी की थी। गंभीर ने 41 गेंदों पर 58 और सहवाग ने 52 गेंदों पर 68 रन की पारी खेली थी, लेकिन असली रोमांच युवराज सिंह के बल्ले से आया था। युवराज ने महज 12 गेंदों पर अर्धशतक लगाते हुए 16 गेंदों पर 7 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 58 रन की पारी खेली थी। इस दौरान स्टूअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में युवराज सिंह ने लगातार 6 छक्के लगाए थे।

युवराज का ये अर्धशतक किसी भी फुल-टाइम नेशन के बल्लेबाज द्वारा दूसरे फुल-टाइम नेशन के खिलाफ लगाया सबसे तेज टी20 अर्धशतक है और 19 साल बाद भी ये रिकॉर्ड अटूट है। युवराज की बल्लेबाजी ने दिखाया था कि भविष्य टी20 क्रिकेट कैसा होगा और किस तरह की बल्लेबाजी देखने को मिलेगी।

इंग्लैंड ने भी अच्छी बल्लेबाजी की थी, लेकिन 20 ओवर में 6 विकेट पर 200 रन तक की पहुंच सकी और 18 रन से मैच गंवा बैठी। हालांकि, इंग्लैंड जिस तरह लक्ष्य के पीछे गई थी, उसने दिखाया था कि टी20 में कोई भी स्कोर सुरक्षित नहीं है।

भारत-इंग्लैंड के बीच हुए इस मैच ने दिखाया था कि टी20 फॉर्मेट क्रिकेट को बहुत कुछ नया देने वाला है।

टी20 विश्व कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ न्यूजीलैंड के बल्लेबाज फिन एलन ने 33 गेंदों पर शतक लगा दिया। मौजूदा समय में कोई भी टीम 250 प्लस का स्कोर बना लेती है और फिर भी सुरक्षित महसूस नहीं करती। एक ओवर में 25 रन बनाकर भी मैच जीते जा सकते हैं, और ऐसा अब लगातार देखने को मिलता है। क्रिकेट फैंस इन चीजों के आदी हो चुके हैं। इसमें भारत और इंग्लैंड के बीच 19 सितंबर 2007 को हुए मैच का बड़ा अहम रोल रहा है। मौजूदा समय में जिस तरह टी20 क्रिकेट खेली जा रही है, उसमें 19 साल पहले हुए उस मैच का अहम योगदान रहा है।

गुरुवार को भारत-इंग्लैंड एक बार फिर टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल में भिड़ रहे हैं। दोनों टीमों के बीच यह लगातार तीसरा सेमीफाइनल है। इस मैच पर पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस की नजर है।

–आईएएनएस

पीएके


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