अदाणी पोर्ट्स और फ्रांस के मार्सिले पोर्ट ने सहयोग का किया ऐलान, भारत-यूरोप के बीच ट्रेड कनेक्टिविटी बढ़ेगी

अहमदाबाद, 18 फरवरी (आईएएनएस)। अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (एपीएसईजेड) और फ्रांस के बड़े बंदरगाहों में से एक मार्सिले पोर्ट ने बुधवार को सहयोग का ऐलान किया है। इसके जरिए दोनों कंपनियां पोर्ट इनोवेशन, व्यापार सुगमीकरण पर सहयोग को गहरा करने, ऊर्जा परिवर्तन और भारत-यूरोप ट्रेड कनेक्टिविटी पर ध्यान केंद्रित करेंगी।
समझौता ज्ञापन (एमओयू) में भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे (आईएमईसी) मार्ग पर स्थित प्रमुख बंदरगाहों के बीच समन्वय को मजबूत करने और भारत एवं यूरोपीय संघ के बीच संपर्क को सुदृढ़ करने के लिए एक आईएमईसी पोर्ट्स क्लब के निर्माण का प्रस्ताव है।
नई दिल्ली में 2023 के जी20 शिखर सम्मेलन में शुरू की गई, आईएमईसी एक 6,000 किलोमीटर लंबी बहुआयामी कनेक्टिविटी पहल है जो एकीकृत समुद्री मार्गों, रेल नेटवर्क, डिजिटल प्रणालियों और स्वच्छ ऊर्जा मार्गों के माध्यम से भारत और यूरोप को जोड़ती है।
एपीएसईजेड के पूर्णकालिक निदेशक और सीईओ अश्वनी गुप्ता ने कहा,”भारत ने इस कॉरिडोर को आगे बढ़ाने में पहले ही नेतृत्व की भूमिका निभाई है, और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के संपन्न होने के साथ, भाग लेने वाले देशों के बीच व्यापार में कई गुना वृद्धि होने की उम्मीद है।”
उन्होंने कहा, “भारत के पश्चिमी तट पर स्थित हजीरा और मुंद्रा में हमारे बंदरगाहों ने कॉरिडोर के पहले और मध्य चरणों में एक सुगम मार्ग स्थापित कर लिया है।”
गुप्ता ने कहा,”फ्रांस के मार्सिले फॉस बंदरगाह के साथ इस समझौता ज्ञापन से हमने यूरोप से अंतिम चरण को सफलतापूर्वक जोड़ लिया है। यह साझेदारी सभी भागीदार देशों के बीच सूचना और सामग्री के आदान-प्रदान को काफी तेज करेगी, जिससे आर्थिक सहयोग और आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और भी बढ़ेगी।”
इससे भारत-यूरोपीय संघ व्यापार के लिए आईएमईसी मार्ग पूरा हो गया है, जिसे भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से काफी बढ़ावा मिला है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मदर ऑफ ऑल ट्रेड’ बताया है।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की यात्रा के दौरान इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो भारत-फ्रांस की बढ़ती रणनीतिक साझेदारी को दिखाता है।
मार्सिले फोस पोर्ट के सीईओ हरवे मार्टेल ने कहा, “ऐसे समय में जब आईएमईसी कॉरिडोर एक निर्णायक चरण में प्रवेश कर रहा है, हम एपीएसईजेड के साथ अपनी साझेदारी को मजबूत करने से प्रसन्न हैं। भारत और मार्सिले इस भावी व्यापार मार्ग के दो छोरों पर स्थित हैं, जिससे दोनों बंदरगाहों पर इस नए मार्ग की संरचना और उसे सक्रिय करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आ जाती है।”
मार्टेल ने आगे कहा, “हम मिलकर इसमें शामिल बंदरगाहों को एकजुट और एकीकृत करने का इरादा रखते हैं, और अपने क्षेत्रों के बीच अधिक कुशल, लचीले और टिकाऊ संपर्क के प्रबल समर्थक के रूप में कार्य करेंगे।”
–आईएएनएस
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