बैंकॉक में ईएससीएपी की 82वीं बैठक शुरू, चीन ने खुलेपन और सहयोग पर दिया जोर

बीजिंग, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र एशिया-प्रशांत आर्थिक और सामाजिक आयोग (ईएससीएपी) की 82वीं वार्षिक मंत्री स्तरीय बैठक 20 से 24 अप्रैल तक थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में आयोजित की जा रही है। इस वर्ष की बैठक का विषय है, “एशिया और प्रशांत क्षेत्र में सभी आयु वर्ग के लिए एक उन्नत समाज।”
उद्घाटन समारोह में संयुक्त राष्ट्र की उप-महासचिव अमीना मोहम्मद ने वीडियो संदेश में कहा कि मध्य-पूर्व संकट ने वैश्विक अस्थिरता को और बढ़ा दिया है, जिसका असर एशिया-प्रशांत क्षेत्र के देशों पर विभिन्न रूपों में पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सबसे अधिक संवेदनशील देश और क्षेत्र इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उनके अनुसार, सतत विकास सभी आयु वर्ग के लोगों की प्रगति को बढ़ावा देने और अनिश्चितताओं के प्रति उनकी सहनशीलता बढ़ाने की सबसे प्रभावी रणनीति है।
थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता का प्रभाव सभी आयु वर्ग के लोगों पर व्यापक रूप से पड़ रहा है और इससे सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करना और कठिन हो गया है। उन्होंने कहा कि इस पृष्ठभूमि में सम्मेलन का विषय केवल एक नीतिगत लक्ष्य नहीं, बल्कि एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक मुद्दा भी है।
आम बहस के दौरान चीन के उप-विदेश मंत्री मा चाओश्य्वी ने कहा कि खुलापन और सहयोग एशिया-प्रशांत क्षेत्र की निरंतर तेज वृद्धि की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों में बदलाव के बावजूद, खुलेपन और सहयोग की दिशा को बनाए रखना आवश्यक है। साथ ही, विश्व व्यापार संगठन को केंद्र में रखकर बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली को कायम रखना चाहिए।
उन्होंने व्यापार और निवेश के उदारीकरण तथा सुगमीकरण को बढ़ावा देने, औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थिरता और सुचारू प्रवाह सुनिश्चित करने तथा क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
मा चाओश्य्वी ने यह भी कहा कि वर्ष 2027 में ईएससीएपी की स्थापना की 80वीं वर्षगांठ होगी।
चीन अप्रैल 2027 में शांगहाई में ईएससीएपी की 83वीं वार्षिक बैठक की मेजबानी करने का इच्छुक है। उन्होंने कहा कि चीन इस अवसर का उपयोग करते हुए सभी सदस्य देशों के साथ अपनी मूल आकांक्षाओं और मिशनों की पुनः पुष्टि करेगा, पारस्परिक लाभकारी सहयोग को और गहरा करेगा और एशिया-प्रशांत समुदाय के निर्माण में अधिक योगदान देगा।
गौरतलब है कि ईएससीएपी, संयुक्त राष्ट्र आर्थिक एवं सामाजिक परिषद के अंतर्गत पांच अंतरसरकारी क्षेत्रीय आर्थिक आयोगों में से एक है। यह एशिया-प्रशांत क्षेत्र में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित एक महत्वपूर्ण अंतरसरकारी व्यापक आर्थिक एवं सामाजिक विकास संगठन है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
–आईएएनएस
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