वाईएसआर कांग्रेस नेता अंबाती रामबाबू एक और मामले में न्यायिक हिरासत में, 22 फरवरी तक भेजे गए जेल

अमरावती, 9 फरवरी (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के पूर्व मंत्री और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबाती रामबाबू को सोमवार को एक ताज़ा मामले में 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। रामबाबू पहले से ही मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणी के मामले में न्यायिक हिरासत में हैं।
गुंटूर के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने नवंबर 2025 में दर्ज एक मामले में रामबाबू को 22 फरवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। यह मामला कथित रूप से पुलिसकर्मियों को धमकाने और ड्यूटी में बाधा डालने से जुड़ा है।
राजामुंद्री सेंट्रल जेल में बंद अंबाती रामबाबू को सोमवार को गुंटूर लाकर विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। हिरासत याचिका पर दलीलें सुनने के बाद अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस के अनुसार, 12 नवंबर 2025 को गुंटूर पुलिस ने अंबाती रामबाबू और उनके समर्थकों के खिलाफ बिना अनुमति रैली निकालने, अवैध रूप से एकत्र होने और ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को धमकाने के आरोप में मामला दर्ज किया था।
आरोप है कि रामबाबू और उनके समर्थकों ने पुलिस की अनुमति के बिना रैली निकाली थी। जब पुलिस ने रैली को रोकने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधिकारियों को कथित तौर पर धमकाया। पुलिस का कहना है कि इस रैली के कारण यातायात बाधित हुआ और आम जनता को असुविधा का सामना करना पड़ा।
इस संबंध में पट्टाभीपुरम पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की उन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो लोक सेवकों पर हमला करने या आपराधिक बल प्रयोग, गलत तरीके से रोकने, आपराधिक धमकी देने और अवैध जमाव से संबंधित हैं।
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी वाईएसआर कांग्रेस पार्टी द्वारा बुलाए गए विभिन्न आंदोलनों के दौरान अंबाती रामबाबू के खिलाफ इसी तरह के मामले दर्ज हो चुके हैं।
गौरतलब है कि अंबाती रामबाबू को 31 जनवरी को गुंटूर जिले में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के खिलाफ कथित अपमानजनक बयान देने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के दौरान उनके आवास पर कई घंटों तक हाई-वोल्टेज ड्रामा चला।
इस दौरान तेलुगु देशम पार्टी (टीडीपी) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके बयान के विरोध में उनके घर और वाहनों में तोड़फोड़ की थी।
रामबाबू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को बाधित करने और टीडीपी बैनर हटाने से जुड़े एक विवाद में शामिल होने का भी आरोप है। पुलिस के मुताबिक, उन्हें भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 132 के तहत लोक सेवकों को उनके कर्तव्यों के निर्वहन से रोकने के आरोप में भी नामजद किया गया है।
इसके अलावा, कथित धमकियों, अपशब्दों और अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2), 196(1), 352, 351(2) और 292 तथा धारा 3(5) के तहत एक अन्य मामला भी दर्ज किया गया है।
अगले दिन पुलिस ने वाईएसआर कांग्रेस नेता को स्थानीय अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इसके बाद उन्हें राजामुंद्री सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया।
–आईएएनएस
डीएससी